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मोदी कल कश्मीर में एशिया की सबसे लंबी टू-लेन टनल का करेंगे शिलान्यास, 14 किमी की यह सुरंग सेना की बढ़ाएगी ताकत

3 वर्ष पहले
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  • अभी यह दूरी तय करने में 3.5 घंटे लगते हैं, सुरंग से यह फासला 15 मिनट में पूरा होगा
  • परियोजना को पूरा करने के लिए सात साल का लक्ष्य तय किया गया है

 

श्रीनगर.   नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर में शनिवार को पत्थरबाजों के खिलाफ सीजफायर के फैसले पर कहा कि यह उन लोगों को बेनकाब करने के लिए है जो इस्लाम के नाम पर घाटी में आतंक फैला रहे हैं। डल झील के किनारे एसके इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में उन्होंने कहा,  सरकार ने रमजान में यह फैसला इसलिए लिया, जिससे कश्मीर में रहने वाला नागरिक स्थिर और शांत हो सके और उसका विकास हो सके। बता दें कि शनिवार को मोदी एक दिन के कश्मीर दौरे पर थे। यहां उन्होंने लेह-लद्दाख क्षेत्र से जोड़ने वाली एशिया की सबसे लंबी टू-लेन जोजिला सुरंग परियोजना का शिलान्यास किया। प्रधाानमंत्री ने राज्य में  25 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की शुरूआत की। 

 

 

 

कश्मीरी युवा का उठाया हर हथियार विकास को रोकता है

- नरेंद्र मोदी ने इससे पहले श्रीनगर में कहा "विदेशी ताकतें नहीं चाहती हैं कि जम्मू-कश्मीर का विकास हो। हमारी सरकार रास्ते से भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही है। इस युवा पीढी पर बड़ी जिम्मेदारी है...कश्मीर के युवाओं के द्वारा उठाया गया हर हथियार विकास को रोकता है। दुनिया की ऐसी ताकत नहीं जो भाई को भाई से अलग कर सके। मां का दूध सबको बराबर मिलता है।"

- "ये उस परंपरा की धरती है, जो दुनिया में कहीं नहीं है। कश्मीरित के अटल जी भी कायल रहे हैं और मोदी भी इसका मुरीद है। मैं तो पहले भी कह चुका हूं कि यह समस्या न गाली से होगी और न ही गोली से। रमजान के महीने में सीजफायर का फैसला लेना इसी का उदाहरण है।"

- इस दौरान मोदी ने यहां किशनगंगा हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट देश को समर्पित किया

 

लेह की इकोनॉमी को ताकत मिलेगी

- मोदी ने जोजिला सुरंग के शिलान्यास के दौरान कहा, "केंद्र की योजनाओं से इस क्षेत्र की इकोनॉमी को नई ताकत मिलेगी।"

- "जोजिला टनल प्रोजेक्ट उन्नत टेक्नोलॉजी का भी बड़ा उदाहरण है। मुझे बताया गया कि टनल में सात कुतुबमीनार जितनी ऊंचाई वाली व्यवस्था बनाई गई है, ताकि अंदर की हवा शुद्ध रह सके।" 
- "कुशक बकुला जी ने दिलों को जोड़ने का काम किया, ये टनल बकुला जी के सपने को पूरा करेगी।"
- "लेह-लद्दाख की महिलाओं में जो सामर्थ्य है वो देखने लायक है। देश की यूनिवर्सिटी को अध्ययन करना चाहिए कि ऐसे दुर्गम इलाके जो 6-7 महीने के लिए दुनिया से कट जाते हैं उन परिस्थितियों में यहां की माताएं और बहनें जीवन भी चलाती हैं, अर्थव्यवस्था भी चलाती हैं, ये देश के लिए गौरव की बात है, मैं इन्हें नमन करता हूं।"

 

जम्मू-कश्मीर में 80 हजार प्रोजेक्ट पर काम चल रहा
- मोदी ने कहा, "लेह-लद्दाख में हर साल 2 लाख पर्यटक आते हैं। 12 महीने से कनेक्टिविटी पर बहुत बड़ा काम हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में 80 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, इसका लाभ लेह-लद्दाख के विकास को भी मिल रहा है।"
- "यहां कुछ चीजें ऐसी पैदा होती हैं जो हिंदुस्तान के किसी कोने में नहीं मिलतीं। आज लोग एरोमा थैरेपी की ओर बढ़ रहे हैं। एरोमा लेह की विरासत है। ये पूरे दुनिया के बाजार में जाए, इस दिशा में काम करके हम उसे आगे ले जाएंगे।"
 

कल्चरल सेंटर-म्यूजियम बनाया जाएगा
- मोदी ने कहा, "यहां लंबे समय से कल्चरल सेंटर की मांग है। मैं भरोसा देता हूं इसे आपके सपने के मुताबिक ही बनाया जाएगा। एक वर्चुअल म्यूजियम भी लेह में बनाया जाएगा।"
- "यहां के लोगों की इच्छा है कि मेडिकल कॉलेज होना चाहिए, आपके प्रस्ताव को गंभीरता से लूंगा।"

 

3.5 घंटे से घटकर सिर्फ 15 मिनट का रह जाएगा सफर

- इस सुरंग की लंबाई 14.2 किलोमीटर है।यह सुरंग नेशनल हाइवे-1ए पर श्रीनगर-लेह खंड में बालटाल और मिनामर्ग को जोड़ेगी।

- इसके बनने के बाद जोजिला से गुजरने में लगने वाला वक्त 3.5 घंटे से घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाएगा।

- इसकी अनुमानित लागत 6 हजार 809 करोड़ रुपए है। परियोजना पूरी करने के लिए सात साल का लक्ष्य तय किया गया है।

 

सेना के लिए भी बेहद अहम

- रणनीतिक तौर पर सेना के लिए भी यह सुरंग काफी अहम मानी जा रही है। 

- आमतौर पर सर्दियों में बर्फबारी-हिमस्खलन से श्रीनगर और लेह-लद्दाख के बीच सड़क संपर्क ज्यादातर समय बाधित रहता है। लेकिन यह सुरंग बनने के बाद इस मार्ग पर हर मौसम में कनेक्टिविटी बनी रहेगी। 

- बर्फबारी-हिमस्खलन या मौसम खराब होने पर सेना के लिए कारगिल और बॉर्डर की अन्य सैन्य पोस्ट के लिए रसद सामग्री ले जाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सुरंग बनने के बाद यह दिक्कत दूर होगी।

- इसी सड़क पर गगनगीर में 6.5 किलोमीटर जेड मोड़ सुरंग का निर्माण भी तेजी से हो रहा है।

 

हाईटेक सुविधाओं से लैस होगी जोजिला सुरंग

- केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, "जोजिला सुरंग परियोजना की प्लानिंग एक स्मार्ट सुरंग के तौर की गई है। इसमें वेंटिलेशन, बिजली की आपूर्ति, इमरजेंसी लाइटिंग, सीसीटीवी, वैरिएबल मैसेज साइन, ट्रैफिक लॉगिंग इक्विपमेंट, ओवरहाइट व्हीकल डिटेक्शन और टनल रेडियो सिस्टम जैसे सुरक्षा के नए फीचर्स होंगे।" 

- इसमें पैदल राहगीरों के लिए हर 250 मीटर पर रोड क्रॉस करने की सुविधा होगी। हर 125 मीटर पर आपातकालीन टेलीफोन और फायर फाइटिंग केबिन का इंतजाम होगा।

 

पाकल दुल बांध और जम्मू रिंग रोड का भी किया उद्धाटन

- प्रधानमंत्री ने यहां जोजिला सुरंग के अलावा मरुसुदर नदी पर पाकल दुल बांध, जम्मू रिंग रोड, ताराकोटे मार्ग और जम्मू कश्मीर यूनिवर्सिटी के जनरल जोरावर सिंह सभागार में रोपवे का भी उद्घाटन किया।

 

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