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डाउनलोड करेंइंटरनेशनल डेस्क. भारत में पानी का संकट गहराता जा रहा है। लगातार फ्रेश वॉटर कम हो रहा है। ये हम नहीं बल्कि नासा द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है। नासा ने 14 साल तक कई सैटेलाइट्स के जरिए दुनियाभर के 34 जगहों की तस्वीरें लीं, जिसमें भारत भी शामिल था। तस्वीरें देखने पर पता चला कि भारत के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में लगातार पानी कम हो रहा है।
क्यों घट रहा है पानी?
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी और पूर्वी भारत में लगातार फ्रेश वॉटर कम हो रहा है। रिपोर्ट में पानी घटने की वजह भी बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारत में गेहूं और धान जैसी फसलों की सिंचाई के लिए काफी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया जाता है। जो पानी के घटने की एक मुख्य वजह है। भारत के अलावा पश्चिम एशिया के देश, कैलिफोर्निया और ऑस्ट्रेलिया भी उन जगहों में शामिल है जहां पानी का संकट पैदा हो सकता है।
कैसे की गई स्टडी?
रिपोर्ट को नासा और जर्मन एयरोस्पेस सेंटर ने मिलकर तैयार किया है। इसमें दुनियाभर के 34 क्षेत्रों की तस्वीरें ली गईं। फिर ग्रैविटी रिकवरी एंड क्लाइमेट एक्सपेरिमेंट (ग्रेस) अंतरिक्ष यान के 14 साल के अभियान से मिले डाटा की स्टडी की गई। जिसके बाद पता चला कि भारत समेत दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जहां लगातार फ्रेश वॉटर कम हो रहा है। नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के मैट रॉडेल ने कहा कि यह पहली बार है जब हमने कई सैटेलाइट से ये जानने के लिए तस्वीरें ली कि दुनिया में पानी कैसे कम हो रहा है। नासा की ये रिपोर्ट हमें आगाह करती है कि अगर पानी के स्त्रोतों की बड़ी मात्रा में दोहन करना बंद नहीं किया गया तो भविष्य में इसका अंजाम बहुत बुरा हो सकता है।
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