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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. यदि शूटिंग को शामिल नहीं किया जाता है तो भारत को 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स का बहिष्कार करना चाहिए। मंगलवार को नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने यह मांग की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे जल्द ही इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (आईओए) और खेल मंत्रालय को पत्र लिखेंगे। बता दें कि बर्मिंघम ने 22वें कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग आयोजन के लिए सुविधाएं जुटाने में असमर्थता जताई है।
एक-दो दिन में लिखेंगे खेल मंत्रालय को पत्र
- राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रणधीर सिंह ने कहा, 'एक-दो दिन में मैं केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ और आईओए को पत्र लिखूंगा। मैं उनसे मांग करूंगा कि यदि 2022 में शूटिंग को कॉमनवेल्थ गेम्स में फिर से शामिल नहीं किया जाता है तो भारत को इन खेलों का बहिष्कार करना चाहिए।' रणधीर सिंह के अनुसार, 'हम खेल मंत्रालय और आईओए से मांग करेंगे कि 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में वे भारतीय दल को नहीं भेजें।'
सीजीएफ के सीईओ ने जनवरी में शूटिंग हटाने की कही थी बात
- कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) के सीईओ डेविड ग्रेवेमबर्ग ने जनवरी में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजकों को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था, '2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग खेल शामिल नहीं किया जाएगा।' हालांकि उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया था कि यह खेल हटाया नहीं जाएगा, बल्कि इसे वैकल्पिक कैटेगरी में ही रखा जाएगा। शूटिंग कॉमनवेल्थ गेम्स में हमेशा से वैकल्पिक कैटेगरी में रहा है। हालांकि 1970 के एडिनबर्ग कॉमनवेल्थ गेम्स को छोड़कर 1966 किंग्सटन के बाद से हर कॉमनवेल्थ गेम्स में इसकी प्रतियोगितएं हुईं हैं।
खेल मंत्री राठौड़ भी सीजीएफ को लिख चुके हैं पत्र
- रणधीर सिंह की मांग से पहले खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ भी सीजीएफ को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने पत्र में कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग को शामिल रखने की अपील की थी।
गोल्ड कोस्ट में भारत ने जीते थे शूटिंग में सबसे अधिक 16 मेडल
- 15 अप्रैल को समाप्त हुए 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 66 मेडल जीते थे। इनमें से सबसे अधिक 16 मेडल उसने शूटिंग में ही जीते हैं। भारतीय शूटरों ने गोल्ड कोस्ट में 7 गोल्ड, 4 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।
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