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सीमेंट कंपनियों को देना पड़ेगा 6700 करोड़ रुपए का जुर्माना, ट्रिब्यूनल से भी नहीं मिली राहत

सीसीआई के फैसले के खिलाफ कंपनियों ने एनसीएलएटी में अपील की थी

Dainik Bhaskar

Jul 25, 2018, 05:53 PM IST
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्य नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्य

- जयप्रकाश एसोसिएट्स पर सबसे ज्यादा 1,323.60 करोड़ का जुर्माना

- सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन पर 73 लाख रुपए जुर्माना

- ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद सीमेंट कंपनियों के शेयरों में गिरावट

नई दिल्ली. नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने बुधवार को सीमेंट कंपनियों पर 6,700 करोड़ रुपए की पेनल्टी का फैसला बरकरार रखा। 10 सीमेंट कंपनियों और सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने मिलकर कंपीटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीए) के फैसले के खिलाफ अपील की थी। एनसीएलटी ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है इसलिए रद्द की जाती है।
सीसीआई ने अगस्त 2016 में अल्ट्राटेक, एसीसी समेत 10 कंपनियों और सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीएमए) पर जुर्माना लगाया था। इन्हें एकजुट होकर कीमतें बढ़ाने (कार्टेलाइजेशन) का दोषी ठहराया गया। सीसीआई ने पाया कि इन कंपनियों ने सीएमए की मदद से सीमेंट के रेट, उपयोग क्षमता और उत्पादन समेत दूसरी जानकारियां शेयर कीं। इसके बाद उत्पादन और सप्लाई कम कर दी।

किस कंपनी पर कितनी पेनल्टी ?

कंपनी जुर्माना (रुपए)
जयप्रकाश एसोसिएट्स 1,323.60 करोड़
अल्ट्राटेक सीमेंट 1,175.49 करोड़
अंबुजा सीमेंट 1,163.91 करोड़
एसीसी 1,147.59 करोड़
लाफार्ज इंडिया 490.01 करोड़
सेंचुरी टेक्सटाइल 274.02 करोड़
रामको सीमेंट 258.63 करोड़
इंडिया सीमेंट 187.48 करोड़
बिनानी सीमेंट 167.32 करोड़
जे के सीमेंट 128.54 करोड़

कार्टेलाइजेशन से सरकार भी परेशान : पिछले गुरुवार को सरकार ने संकेत दिए कि कंपनियां कार्टेलाइजेशन बंद नहीं करेंगी तो सीमेंट को जरूरी कमोडिटी में शामिल किया जा सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में कहा, सीमेंट कंपनियों की साठगांठ की वजह से देश में कंक्रीट की सड़कें बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। देश के कुल सीमेंट उत्पादन का 40% सड़कों के लिए इस्तेमाल होता है।

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