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डाउनलोड करेंग्वालियर. चंबल नदी से पानी लाने की 269 करोड़ रुपए की योजना पर लोन देने के लिए एनसीआर ने अपनी प्रारंभिक स्वीकृति दे दी है। एनसीआर की स्वीकृति का पत्र नगर निगम में आ गया है। इसके अनुसार योजना की कुल लागत का 75 फीसदी हिस्सा लोन के रूप में दिया जाएगा। काम पूरा होने के बाद इसमें से 15 फीसदी राशि अनुदान के रूप में मिलेगी। लोन की शर्त के मुताबिक 25 फीसदी राशि के लिए निगम प्रदेश सरकार से आग्रह करेगा। एनसीआर द्वारा भेजे गए पत्र में निगम की वित्तीय स्थिति की विस्तृत जानकारी भी मांगी गई है।
योजना के डिटेल सर्वे का काम मेहता एंड मेहता एसोसिएट्स की टीम द्वारा तेजी से पूरा कराया जा रहा है। चंबल नदी से रोजाना 150 एमएलडी पानी लाने की योजना के लिए कराए जा रहे डिटेल सर्वे में अब सर्वे का रूट तय होने के बाद जीपीएस मैप के जरिये एलाइनमेंट फाइनल किया जाएगा। तकनीकी टीम के अनुसार एक माह में डिटेल रिपोर्ट तैयार कर राज्य शासन के माध्यम से एनसीआर को सबमिट कर दी जाएगी। प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा।
फॉरेस्ट अफसरों से मिले कमिश्नर
चंबल नदी के पास इंटेकवेल बनाने, लाइन डालने, सब स्टेशन बनाने सहित बैक प्रेशर टैंक आदि के लिए फॉरेस्ट की अनापत्ति के संबंध में चर्चा के लिए निगम कमिश्नर विनोद शर्मा ने सोमवार को वन संरक्षक विक्रम सिंह परिहार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित चिड़ियाघर की जमीन के संबंध भी चर्चा की। निगम कमिश्नर के अनुसार चंबल के प्रोजेक्ट के लिए विभिन्न सरकारी विभागों की अनापत्तियों की आवश्यकता होगी, उनके लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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