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बॉडी पॉश्चर: चलने, फिरने और बैठने का गलत तरीका भी कई बीमारियों का कारण, थोड़ी-थोड़ी देर में चहलकदमी करें

Dainik Bhaskar

Jul 04, 2018, 06:41 PM IST

डॉ. अबरार मुल्तानी बता रहे हैं बॉडी पॉश्चर को कैसे सुधारा जा सकता है...

negative effects of body posture and how to improve body posture

हेल्थ डेस्क. चलने, सोने और बैठने का तरीक़ा हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। सही बॉडी पॉश्चर अपनाकर कई तरह की बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। लम्बे समय तक ग़लत पॉश्चर अपनाए रखने के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं सिर उठाने लगती हैं। दिनचर्या में कुछ दिनों के अभ्यास से आप अपना बॉडी पॉश्चर दुरुस्त रखकर स्वस्थ रह सकते हैं। डॉ. अबरार मुल्तानी बता रहे हैं बॉडी पॉश्चर को कैसे सुधारा जा सकता है...

सीधे खड़े होना जरूरी
सीधे खड़े रहना पॉश्चर सुधारने का सबसे आसान तरीक़ा है। कई बार हमें पता नहीं होता कि हम किस तरह बैठते हैं या चलते हैं। इसे जानने के लिए अपने दोस्त की मदद ले सकते हैं। किसी दीवार के पास सीधे खड़े हो जाएं। सामान्यतः जिस तरह खड़े रह्ते हैं वैसे ही रहें, तनकर या सजग होकर न खड़े हों। दोस्त से तीन अलग-अलग कोणों से तस्वीर खींचने को कहें। इससे आप अपने सही पॉश्चर को आराम से समझ पाएंगे। गलत पॉश्चर के कारण कार्पल टनल सिंड्रोम, स्ट्रेस, अपच, दर्द और सूजन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

फोन से बनाएं दूरी
स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग ने कई शारीरिक विकारों को भी जन्म दिया है। अधिक देर तक गर्दन झुकाकर फोन चलाना गर्दन के पॉश्चर को बिगाड़ता है। ज्यादा देर तक गर्दन झुकाकर न रखें। कम्प्यूटर स्क्रीन को इतनी ऊंचाई पर रखें कि गर्दन को ऊपर या नीचे करके न देखना पड़े। गर्दन में लचीलापन बनाए रखने के लिए दाएं, बाएं, ऊपर, नीचे करके और गर्दन को गोल घुमाकर नियमित व्यायाम करें।

अधिक देर न बैठे
हमारा शरीर बैठे रहने के लिए नहीं काम करने के लिए बना है। जितना अधिक बैठे रहेंगे, शरीर उतना निष्क्रिय होता जाएगा। थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर चहलकदमी करें। अपनी कुर्सी और डेस्क की ऊंचाई हाथों के समानांतर रखें। टाइपिंग करते वक़्त सुनिश्चित करें हाथ नीचे टिके हुए हों। पैरों को समतल जमीन पर रखें। कुछ देर के लिए कुर्सी पर पद्मासन में बैठे।

आराम से करें तौबा
लंबी दूरी तक गाड़ी चलाते वक़्त पूरी तरह झुक जाना थोड़ी देर का आराम तो दे सकता है लेकिन यह पॉश्चर के लिए सही नहीं है। अपनी सीट को स्टीयरिंग व्हील के पास रखें। अपने पीठ के पीछे एक तकिया या टॉवेल को मोड़कर भी रख सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • कंधों को झुकाकर नहीं तनकर खड़े हैं। पैर सीधे हों, घुटने मुड़े हुए न हों, सिर, गर्दन, कमर और पैर एक सीध में हों और वज़न दोनों पैरों पर बराबर रहे।
  • ऊंची हील के जूते न पहनें। इससे शारीरिक संतुलन बिगड़ता है तथा यह घुटने, एंकल जॉइंट और एड़ी के लिए हानिकारक है।
  • सामान उठाने के लिए घुटनों को मोड़कर झुकें। पैरों को सीधा रखकर खड़े हों क्योंकि पैरों को बाहर की तरफ़ निकालकर खड़े होने से घुटनों को क्षति पहुंचती है। झुककर खड़े होने या बैठने से छाती व पेट के महत्वपूर्ण अंगों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती जिसके कारण वे अपना कार्य ठीक से नहीं कर पाते और शरीर धीरे-धीरे रोगी होने लगता है।
  • कुर्सी पर एक ओर झुककर न बैठे। पेट के बल न सोएं। इससे रीढ़ की हड्डी का प्राकृतिक आकार प्रभावित होता है और कंधे आगे की तरफ़ झुक जाते हैं।

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