लापरवाही: गमाडा ने अंधेरे में चलते ट्रैफिक के बीच ही डाल दी प्रीमिक्स

Mohali Bhaskar News - मनोज जोशी | मोहाली [email protected] छोटे काम को लेकर किस प्रकार से अधिकारियों व काॅन्ट्रैक्टर काम करते हैं, उसका उदाहरण...

Nov 11, 2019, 07:31 AM IST
मनोज जोशी | मोहाली [email protected]

छोटे काम को लेकर किस प्रकार से अधिकारियों व काॅन्ट्रैक्टर काम करते हैं, उसका उदाहरण रविवार देर शाम बलौंगी पुल पर देखने को मिला। गमाडा के अधिकार में आने वाले इस पुल के दोनों तरफ कुछ दिनों पहले सड़क खोद दी गई थी। रविवार शाम को 6 बजे के बाद अंधेरे में गमाडा की ओर से प्रीमिक्स डालने का काम किया गया।

प्रीमिक्स डालने की जगह टिपर में लाकर खोदी हुई सड़क पर फेंकी जा रही थी और उसके ऊपर से ट्रैफिक गुजर रहा था। इस उदासीनता का आलम यह था कि प्रीमिक्स के ऊपर से गुजरने वाले वाहनों के टायरों के निशान तक छप गए थे। मौके पर काम करने वाली लेबर के चलते पूरे मार्ग पर दोनों तरफ लंबा जाम लगा हुआ था। लोगों ने कुछ मिनटों का रास्ता 15 से 20 मिनट में तय किया। पुल एरिया में स्ट्रीट लाइट न होने के चलते वाहनों की लाइट ही काम करने वाले लोगों का सहारा थी। जहां पर पहले सड़क खोदी गई थी वहां पर मिट्टी को साफ किए बिना ही शाम को एकाएक टीपर में प्रीमिक्स लाकर खोदे गए एरिया में मिट्टी को साफ किए बिना ही गिरा दी गई। जब प्रीमिक्स गिराई जा रही थी, उस समय पुल पर से ट्रैफिक की आवाजाही नहीं रोकी गई। प्रीमिक्स के ऊपर से ही वाहन गुजर रहे थे। देखते ही देखते पूरे पुल के तोड़े गए हिस्से पर प्रीमिक्स डालकर लेबर चली गई। इकसे ऊपर से वाहन गुजरते रहे और प्रीमिक्स पर गाड़ियों के टॉयर के निशान पड़ गए।


इंजीनियर एनएस कलसी ने बताया कि जब कभी भी किसी भी मार्ग पर प्रीमिक्स डाली जाती है ताे पहले उस मार्ग को साफ किया जाता है। यदि मिट्टी हो तो लोहे की तारों के ब्रश से मिट्टी निकालकर तेज कम्प्रेशर की हवा से साफ किया जाता है। इसके बाद उसके ऊपर लुक का स्प्रे किया जाता है। इस दौरान ट्रैफिक बंद रखा जाता है। फिर प्रीमिक्स डाली जाती है। प्रीमिक्स के ऊपर रोड रोलर चलाकर उसे कंप्रेस किया जाता है। कई चक्कर रोड रोलर के इस पर लगाए जाते हैं और फिर भी इस मार्ग को कुछ घंटों के लिए ट्रैफिक आवागमन रोक दिया जाता है, ताकि प्रीमिक्स पूरी तरह से ठंडी होकर सैट हो जाए।

मनोज जोशी | मोहाली [email protected]

छोटे काम को लेकर किस प्रकार से अधिकारियों व काॅन्ट्रैक्टर काम करते हैं, उसका उदाहरण रविवार देर शाम बलौंगी पुल पर देखने को मिला। गमाडा के अधिकार में आने वाले इस पुल के दोनों तरफ कुछ दिनों पहले सड़क खोद दी गई थी। रविवार शाम को 6 बजे के बाद अंधेरे में गमाडा की ओर से प्रीमिक्स डालने का काम किया गया।

प्रीमिक्स डालने की जगह टिपर में लाकर खोदी हुई सड़क पर फेंकी जा रही थी और उसके ऊपर से ट्रैफिक गुजर रहा था। इस उदासीनता का आलम यह था कि प्रीमिक्स के ऊपर से गुजरने वाले वाहनों के टायरों के निशान तक छप गए थे। मौके पर काम करने वाली लेबर के चलते पूरे मार्ग पर दोनों तरफ लंबा जाम लगा हुआ था। लोगों ने कुछ मिनटों का रास्ता 15 से 20 मिनट में तय किया। पुल एरिया में स्ट्रीट लाइट न होने के चलते वाहनों की लाइट ही काम करने वाले लोगों का सहारा थी। जहां पर पहले सड़क खोदी गई थी वहां पर मिट्टी को साफ किए बिना ही शाम को एकाएक टीपर में प्रीमिक्स लाकर खोदे गए एरिया में मिट्टी को साफ किए बिना ही गिरा दी गई। जब प्रीमिक्स गिराई जा रही थी, उस समय पुल पर से ट्रैफिक की आवाजाही नहीं रोकी गई। प्रीमिक्स के ऊपर से ही वाहन गुजर रहे थे। देखते ही देखते पूरे पुल के तोड़े गए हिस्से पर प्रीमिक्स डालकर लेबर चली गई। इकसे ऊपर से वाहन गुजरते रहे और प्रीमिक्स पर गाड़ियों के टॉयर के निशान पड़ गए।


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