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डाउनलोड करेंभोपाल. प्राॅपर्टी के दाम तय करने के लिए जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के बाद पंजीयन विभाग ने प्राॅपर्टी के रेट तय करने के लिए दोबारा से सर्वे कराने का फैसला लिया है। इसके तहत उप जिला मूल्यांकन समिति दोबारा से प्राॅपर्टी के दामों का सर्वे कराएगी। इसके पहले समिति ने 38 जगहों पर रेट एक समान करने के नाम पर 5 से 30 फीसदी तक रेट बढ़ाने की तैयारी कर ली थी, हालांकि बाद में इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया।
1 मई के बाद लागू होने वाली नई कलेक्टर गाइडलाइन के पहले सरकार ने गाइडलाइन बनाने के नए नियम जारी कर दिए हैं। इसके तहत उपजिला मूल्यांकन समिति से दोबारा से सर्वे कराया जाएगा। तहसीलदार-आरआई पटवारी और सब रजिस्ट्रारों को एक साल में हुई रजिस्ट्री के दस्तावेजों का औसत निकालना होगा। साथ ही रजिस्ट्रियों के आधार पर शहर के चुनिंदा इलाकों में प्रॉपर्टी के नए दाम तय करने के लिए सर्वे करना होगा। इसके बाद सर्वे रिपोर्ट उपमूल्यांकन समित के सामने रखी जाएगी। दोबारा बैठकों का दौर शुरू किया जाएगा। इसके बाद उपमूल्यांकन समिति की रिपोर्ट को कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। कलेक्टर तय किए गए दामों पर दावे-आपत्ति बुलाएंगे। इसके बाद तय किए गए दाम केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजी जाएगी।
समिति ने किया था 38 लोकेशन के लिए सर्वे
उप मूल्यांकन समिति ने कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर सर्वे पिछले दिनों शहर की चुनिंदा 38 लोकेशन के लिए सर्वे रिपोर्ट तैयार की थी। इस सर्वे में शहर के 38 जगहों की 150 कॉलोनियों में रेट तय किए गए थे। प्रॉपर्टी के रेट 5 से 30 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव था।
पहले एक फीसदी कर ने बढ़ाए प्राॅपर्टी के रेट
एक जनवरी से सरकार ने नगर निगम सीमा में प्रापर्टी खरीदने पर एक फीसदी कर बढ़ा दिया है। जिसकी वजह से निगम सीमा में प्रापर्टी खरीदना महंगा हो गया है। इसको देखते हुए पंजीयन विभाग के अफसरों ने इस बार शहर में प्रापर्टी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव टाल दिया था। अफसरों का तर्क है कि एक फीसदी कर ने पहले से ही रजिस्ट्री महंगी कर दी है।
कमिश्नर के अधिकार डीआईजी पंजीयन के पास
नए नियमों के तहत अब संभागायुक्त के अपील के अधिकार डीआईजी पंजीयन एवं मुद्रांक को दे दिए गए हैं। अभी तक स्टाम्प शुल्क की बकाया रकम जमा नहीं करने पर यह केस जिला पंजीयक के पास जाता था। यहां पर केस डिसाइड नहीं होने पर इसकी अपील संबंधित व्यक्ति संभागायुक्त के पास करते थे। पंजीयन विभाग के अफसरों का तर्क था कि संभागायुक्त के यहां पर महीनों केस की सुनवाई होती थी।
इन इलाकों में रेट तय करने के लिए सर्वे
शहर के बैरसिया रोड़, लांबाखेड़ा, ईंटखेड़ी, जेल कॉलोनी के आसपास का इलाका, पलासी, बड़वई, गोंदरमऊ, परवलिया सड़क, भौंरी, खजूरी सड़क, होशंगाबाद रोड, बावड़ियाकला, कोलार की कॉलोनियां, रातीबड़, नीलबड़ सहित अन्य लोकेशन पर प्रॉपर्टी के दाम तय करने के लिए सर्वे किया जाएगा। इसके लिए टीमों का गठन करना होगा।
सर्वे पूरा होने के बाद ही तय करेंगे नए रेट
वरिष्ठ जिला पंजीयक पवन अहिरवार ने बताया कि सरकारी नोटिफिकेशन के बाद उपजिला मूल्यांकन समिति से दोबारा से सर्वे कराया जाएगा। जिसके आधार पर जिला मूल्यांकन समिति प्राॅपर्टी के रेट तय करेगी।
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