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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. हरियाणा सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग की प्रधान सचिव दीप्ति उमाशंकर को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उन्हें एचएसएससी चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें शपथ दिलाई। बता दें कि 10 अप्रैल को आयोजित जेई (सिविल) की परीक्षा में ब्राह्मणों से संबंधित एक विवादित सवाल पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने एचएसएससी चेयरमैन बीबी भारती को सस्पेंड कर दिया था। वहीं, प्रकरण की जांच के लिए सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह को नियुक्त किया है। परीक्षा में पूछे गए इस विवादित सवाल पर ब्राह्मण समुदाय ने कड़ी आपत्ति जताई थी। कई जगह प्रदर्शन भी किया। ब्राह्मण समुदाय ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।। पढ़िए आखिर क्या था पूरा मामला...
ये था विवादित सवाल
- हरियाणा में कौन सा अपशकुन नहीं माना जाता?
(क) खाली घड़ा (ख) फ्यूल भरा कास्केट
(ग) काले ब्राह्मण से मिलना (ग) ब्राह्मण कन्या को देखना
विवादः क्या आयोग काले ब्राह्मण से मिलने को अपशकुन मानता है।
पब्लिशर्स के खिलाफ एफआईआर
- इस प्रकरण पर ब्राह्मणों समुदाय के आक्रोश को देखते हुए विदेश यात्रा से लौटते ही मुख्यमंत्री खट्टर ने समाज के लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा, इस मामले में उनकी भी भावनात्मक तौर पर दुख पहुंचा है।
-राज्य सरकार ने प्रश्न पत्र सेट करने वाली दिल्ली की कंपनी के साथ ही पेपर तैयार करने वाले और छापने वाले पब्लिशर्स के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया था।
- राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी की मंजूरी के बाद मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने बताया कि भारत भूषण भारती तब तक सस्पेंड रहेंगे, जब तक कि मामले की जांच पूरी नहीं होती।
विपक्षी पार्टियों ने साधा निशाना
- हरियाणा एसएससी के इस सवाल पर विपक्षी दलों ने सत्ताधारी पार्टी भाजपा पर निशाना साधा। विपक्षी दलों का कहना है कि यह सवाल भाजपा सरकार की ब्राह्मण विरोधी मानसिकता को प्रदर्शित करता है।
-राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, "यह सामान्य गलती नहीं है। यह बेहद शर्मनाक गलती है। इससे न सिर्फ समुदाय की भावनाएं आहत हुईं बल्कि अंधविश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।"
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