तीन दिनों में 31788 किसानों ने मांगा मुआवजा
ओलावृष्टि का कहर कितना भयंकर है यह मौसम साफ होने के बाद मालूम होने लगा है। प्रदेश में महज तीन दिनों में 31788 किसानों ने फसल मुआवजा के लिए आवेदन किया है। सबसे अधिक आवेदन महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, सोनीपत, फतेहबाद जिलों से आए हैं। यहां ओले पड़ने व बरसात से फसल खराब होने की करीब 25 हजार आवेदन कृषि विभाग को मिले हैं।
कृषि विभाग ने किसानों की मदद के लिए अपने अतिरिक्त स्टाफ को डयूटी पर तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी किसान को मुआवजा राशि को लेकर आवेदन करने में िदक्कत न हो। फिलहाल आवेदनों की गणना की जा रही है, सर्वे चल रहा है। सर्वे के बाद ही यह मालूम हो सकेगा कि कितने एकड़ में रबी की फसलों को ओले पड़ने, बरसात या फिर तेज हवा के कारण नुकसान हुआ है।
किस जिले से कितने आए आवेदन
भिवानी3,529
फरीदाबाद361
कैथल269
कुरुक्षेत्र1,147
पंचकूला16
रेवाड़ी300
सिरसा285
चरखी दादरी4,690
फतेहाबाद3,496
झज्जर239
मेवात360
पलवल970
पानीपत244
रोहतक633
यमुनानगर101
अम्बाला15
गुड़गांव244
हिसार5,047
जींद205
करनाल689
महेंद्रगढ़6,523
सोनीपत2,425
कुल आवेदन31,788
अतिरिक्त स्टाफ को ड्यूटी पर लगाया है : संजीव कौशल
हजारों एकड़ में नुकसान की संभावना : कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कह नहीं सकते कि कितना नुकसान हुआ है, लेकिन प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब 32 हजार एकड़ में अधिक नुकसान हो सकता है। फिलहाल सर्वे चल रहा है और सर्वे के बाद ही नुकसान की तस्वीर साफ होगी। यह आंकड़ा लाखों तक भी जा सकता है। प्रदेश में करीब 25.5 लाख हेक्टेयर गेहूं और 6.5 लाख हेक्टेयर में सरसों की फसल है।किसी तरह 11-12 निकल जाए : कृषि अधिकारियों व किसानों का कहना है कि 11 व 12 मार्च को ओले पड़ने व बरसात की संभावना है। अधिक खतरा 12 मार्च को है। किसान वेल्फेयर एसो. के महासचिव विजय कपूर के अनुसार 11 व 12 मार्च को बरसात न हो और ओले भी न पड़े तो फसलों को नुकसान कम होगा। आईएमडी ने दोनों ही दिन प्रदेश में कहीं-कहीं ओले पड़ने व बरसात की संभावना जताई है।
गेहूं-सरसों में अधिक नुकसान
रबी की प्रदेश में करीब 32 लाख हेक्टेयर में फसले हैं, इनमें सबसे अधिक करीब 31 लाख हेक्टेयर में गेहूं व सरसों की फसल हैं। ओले पड़ने से सबसे अधिक नुकसान गेहूं व सरसों की फसल को ही हुआ है।
आज कंप्लीट हो जाएंगी एंट्री
कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों के साथ तालमेल कर सबसे पहले सभी किसानों के आवेदनों की एंट्री कराने का निर्णय लिया है। सोमवार तक यह सभी एंट्री पूरी कर ली जाएंगी। कुछ जगहों पर अतिरिक्त लेपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं।
15935 किसानों के यहां सर्वे जारी
प्रदेश में रबी सीजन में आए किसानों के आवेदनों में से 15935 किसानों के यहां सर्वे किया जा रहा है, जबकि अभी 15853 के यहां सर्वे शेडयूल पेंडिंग है। अब तक 4324 किसानों के यहां फसलों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबकि जांच में 197 किसानों के आवेदन रद़्द कर दिए गए हैं। 11414 किसानों के यहां सर्वे अभी पेंडिंग है।
पल-पल की रिपोर्ट जा रही मुख्यालय
सबसे खास बात यह है कि रविवार को छुट्टी के बावजूद कृषि एवं कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने विभाग के आला अधिकारियों के साथ लगातार मंथन किया। हर जिले की रिपोर्ट मंगाई जा रही है और जहां भी किसानों को किसी तरह की दिक्कत है, उसे तुरंत दूर किया जा रहा है। विभाग की ओर से स्टाफ बढ़ा दिया गया है, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
{महेंद्रगढ़ से साढ़े छह हजार से अधिक किसान पहुंचे कृषि विभाग के ऑफिस
कृषि विभाग के अतिरिक्त स्टाफ को डयूटी पर लगाया गया है। लेपटॉप भी अतिरिक्त उपलब्ध करा दिए गए हैं। स्टाफ को आदेश दिया गया है कि सभी किसानों से आवेदन लिए जाएं। संभावना यही है कि सोमवार तक सभी एंट्री हो जाएंगी।
-संजीव कौशल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि विभाग, हरियाणा।