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‘भास्कर राव सम्मेलन’ कैंसिल, अगस्त में हाेगा

एक वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

16 मार्च से 50वां ऑल इंडिया भास्कर राव नृत्य व संगीत सम्मेलन-2020 शुरू होना था। लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया है। यह कार्यक्रम सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर में होना था, जो गायन, वादन और नृत्य से जुड़ा है। इस बार सम्मेलन में देशभर से 70 नामी कलाकारों ने हिस्सा लेना था। इनमें पंडित विश्व मोहन भट्ट, राजन- साजन मिश्रा, पंडित राजेश तलवलकर, पंडित राकेश चौरसिया जैसे नामी कलाकार आने वाले थे। शनिवार को सेक्टर-27 के प्रेस क्लब में हुई प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कौसर व रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर ने। सजल बताते हैं कि यह फैसला केंद्र की तरफ से ही लिया गया है, वह भी मेंबर्स की मीटिंग के दौरान। सम्मेलन स्थगित कोरोना वायरस के चलते सरकार द्वारा एहतियात बरतने के तहत ही किया गया। शोभा कौसर बोलीं- देखा जाए ऑडियंस आ भी जाती और सम्मेलन के दो- तीन दिन बाद अगर कोई इश्यू हो जाता तो गंभीर स्थित पैदा हो जाती वहीं दूसरी ओर सम्मेलन में देश भर के कलाकारों ने आना था, फ्लाइट कैंसिल हो रही हैं, इसलिए एेसा करना पड़ा। जो भी हुआ सभी की बेहतरी के लिए हुआ है। हम सेहत को लेकर किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। माना कि इस बार सम्मेनल बेहद खास था, क्योंकि गोल्डन जुबली सेलिब्रेट कर रहे थे। खैर, अब माहौल को देखकर नया शेड्यूल जारी करेंगे। अब सम्मेलन अगस्त में करवाने का प्लान है। परफॉर्म करने वाले कलाकार यही होंगे, इनमें कोई बदलाव नहीं होगा।

_photocaption_कभी तीन तो कभी सात दिन तक हुआ था सम्मेलन*photocaption*

ऐसे हुई थी शुरुआत|डॉ. शोभा कौसर बताती हैं कि जब 1969 में एमएल कौसर और कुछ विद्वान की बात चल रही थी। उन्होंने कहा कि भास्कर राव ने संगीत और नृत्य में जो योगदान दिया है वह बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में हमें उनके नाम पर सम्मेलन करवाना चाहिए। इसके बाद यह सम्मेलन में शुरू हुआ। पहले चंडीगढ़ में संस्कृति कार्यक्रमों को लेकर इतने जागरूक नहीं थे। हम टैगोर थिएटर के बाहर खड़े होकर लोगों को कलाकारों का नाम बताते कि यह आए हैं और लोगों को इतने बड़े कलाकारों के नाम तक नहीं पता होते थे। समय के साथ माहौल बदला और सब जागरूक होने लगे। यह सम्मेलन प्रचलित हुआ तो कलाकार हमें कहते हैं कि इसमें हमें भी बुलाओ।

} सजल कौसर व डॉ. शोभा कौसर।

यह सम्मेलन हर साल होता है। शोभा कौसर ने बताया कि सम्मेलन तीन, चार तो कभी सात दिन तक भी हुआ है। जैसे ही सम्मेलन खत्म होता है तो दो दिन आराम करने के बाद हम अगले साल की तैयारी में जुट जाते हैं। यानी साल भर ही तैयारी चलती रहती है।

Sammelan
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