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फंड रेजिंग के लिए ‘थैंक्यू डिनर इन द डार्क’

एक वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

आठवां थैंक्यू डिनर इन द डार्क, जो 15 मार्च को होटल ताज में होगा। यह एक फंड रेजिंग इवेंट है, जिसे रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक, आरसीएस पॉजिटिव एेबलिटीज रोट्रेक्ट क्लब व ताज के सहयोग से होगा। जिन्होंने फंड जुटाने में योगदान दिया है उनके लिए ही यह डिनर होगा। यह अंधेरे में होगा। इसमें सूंघकर, छूकर या टेस्ट कर ही खाने-पीने का अंदाजा लगा सकते हैं। आए हुए मेहमानों को फूड सर्व करेंगे शिव कुमार, अमरेन्द्र, नवजोत, सोनी, मोहित, यह सभी विजुअली इंपेयर्ड हैं। वीरवार को यह जानकारी दी रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक के अध्यक्ष अनीश भनोट ने। इस मौके पर शिव कुमार, अमरेन्द्र व नवजोत मौजूद थे। यह तीनों जॉब करते हैं और इस काॅन्सेप्ट से इसलिए जुड़े हैं, ताकि विजुअली इंपेयर्ड की पढ़ाई के लिए मदद कर सकें। साथ ही दूसरों को नेत्रदान करने के लिए अवेयर कर सकें और पॉजिटिव एटीट्यूड रखने के लिए भी। हमने इन सभी से बात की और जाना कब और कैसे यह काॅन्सेप्ट शुरू हुआ और अब तक कितना फंड जुटा चुके हैं।

सभी को देखने का मौका मिले

अमरेन्द्र असिस्टेंट मैनेजर हैं। बताते हैं कि हम अब तक 6 लाख रुपए का फंड जुटा चुके हैं। चंडीगढ़ के अलावा हमें कर्नाटक से भी फोन आया कि हम अपना फॉर्म भेज दें। खैर, अभी ताे लोकल लेवल पर ही काम कर रहे हैं। इसके अलावा मैं सभी से यह निवेदन करना चाहता हूं नेत्रदान करने के लिए आगे आएं और दूसरों को भी अवेयर करें। ताकि उन लोगों को भी देखने का मौका मिले जो देख नहीं पाते।

ऑल ओवर इंडिया में कर चुके परफॉर्म

नवजोत म्यूजिक टीचर हैं बोले- यह कोशिश बेहद सही है। उम्मीद है कि जिस तरह से लोग जुड़ रहे हैं आने वाले समय में इसी तरह से जुड़ते चले जाएंगे। जो इस फंड रेजिंग इवेंट में शामिल होते हैं वह एक से डेढ़ घंटा हमारी जिन्दगी जी पाते हैं और महसूस कर पाते हैं। इसके बाद वह अपना अनुभव भी साझा करते हैं। वैसे हमारा म्यूजिकल आइज ग्रुप है, इसमें आठ मेंबर्स हैं, इसमें मेरे अलावा शिव, अमरेन्द्र भी शामिल हैं। हम ऑल ओवर इंडिया में परफॉर्म कर चुके हैं।

एक के साथ जोड़ा दूसरा कांसेप्ट

शिव कुमार रिसेप्शनिस्ट हैं। बताते हैं कि हमें सहानुभूति नहीं , बल्कि दूसरों का साथ और प्यार व स्नेह चाहिए होता है। इसके साथ पॉजिटिव एटीट्यूड हमें चाहिए। जब इस काॅन्सेप्ट का पता चला ताे मुझे अाइडिया पसंद आया। तब मैंने फंड रेज करने का जरिया बनने के बारे में सोचा। क्योंकि जब खुद पढ़ने के लिए आगे बढ़ रहा था तो पाया कि आर्थिक तौर पर मजबूत न होने पर कितनी परेशानी होती है। उनकी मदद के लिए हमने इसे फंड रेजिंग से जोड़ा। शिव बताते हैं कि हम तीनों ही चंडीगढ़ से हैं। अगर यहां की बात करूं तो यहां न तो डिसेब्लड फ्रेंडली पब्लिक ट्रांसपोर्ट है और न ही फुटपाथ है। ऐसे में परेशानी होती ही है।

ऐसे बना यह फंड रेजिंग इवेंट

कैसे इस काॅन्सेप्ट को शुरू किया? अनीश बोले- एक मैसेज के जरिए ही मैं इंसपायर्ड हुआ। उस मैसेज में अंधेरे में डिनर करने के अनुभव के बारे में लिखा था। मैंने सोचा ऐसा काॅन्सेप्ट यहां भी होना चाहिए। मैंने शिव से बात की, उसे यह पसंद आया और यह कहां कि क्यूं न इस इवेंट को फंड रेजिंग इवेंट बनाया जाए। ताकि विजुअली इंपेयर्ड की मदद की जा सके, यानी हायर एजुकेशन के लिए स्कॉलरशिप जुटा सकें। बस तब से लेकर यह इवेंट साल में दो बार होता है, एक अक्टूबर में और दूसर मार्च में। सबसे पहला यह इवेंट 5 सितंबर 2017 में हुआ।

6 मिनट की होगी यह फिल्म

हर बार की तरह इस बार भी डिनर से पहले एक शॉर्ट फिल्म दिखाई जाएगी। लेकिन इस बार नए सिरे से फिल्म बनाई गई है। 6 मिनट की इस फिल्म को डायरेक्ट किया है ओजस्वी शर्मा ने। बताते हैं कि वैसे तो मैंने कई शॉर्ट फिल्म डायरेक्ट की हैं, कई बेहद ही संवेदनशील विषय होते हैं। उन्हीं में से एक विषय इस फिल्म का है। मुझे इसे तैयार करने में 7 दिन का समय लगा। जबकि शूटिंग में दो दिन का समय लगा।

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