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धनास से न्यू चंडीगढ़ काे जाेड़ने वाले राेड का 9.30 कराेड़ एस्टीमेट
}पंजाब सरकार भी कोर्ट में जा सकती है... प्रशासन के अफसराें का कहना है कि पीअार फाेर राेड के लिए दोनों गांव की जमीन एक्वायर तो होगी। क्योंकि इस मामले में चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के अलावा पंजाब गवर्नमेंट भी कोर्ट में जा सकती है। इस रोड के न बनने की वजह से क्रिकेट स्टेडियम सहित कई प्राेजेक्ट बाधित हाे सकते हैं। वहीं प्रशासन हाल ही में अाए सुप्रीम काेर्ट के एक फैसले का काेर्ट में हवाला दे सकता है, जिसमें जमीन अधिग्रहण एक्ट 2013 के तहत मुअावजा राशि के लिए प्राेजेक्ट काे नहीं राेका जा सकता है।
प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग धनास से न्यू चंडीगढ़ को जोड़ने वाली 1.7 किलोमीटर पीआर फोर रोड का 9 करोड़ 30 लाख एस्टीमेट बना चुका है। इसमें पब्लिक हेल्थ का 1.5 करोड़, इलेक्ट्रिकल विंग का 70 लाख और बी एंड आर विंग का 7 करोड़ 10 लाख है। अब इसे अप्रूवल के लिए स्टेंडिंग फाइनेंस कमेटी की मीटिंग में ले जाया जाएगा। इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग रोड बनाने की टेंडरिंग करेगा।
इन दोनों रोड के बनने से रोपड़ जाने वालों को खरड़ जाने की जरूरत नहीं होगी। इन दोनों रोड के बनने से कुराली का सफर 6 किलोमीटर शॉर्ट पड़ जाएगा। न ही लोगों को खरड़ जाने पड़ेगा। वहीं मुआवजा को लेकर कोर्ट में 24 मार्च को हियरिंग होनी है। वहीं प्रशासन हाल ही में सुप्रीम काेर्ट के केस का हवाला दे सकता है , जिसमें जमीन अधिग्रहण एक्ट 2013 अनुसार मुअावजे के चलते प्राेजेक्ट के लिए जमीन एक्वायर करने से नहीं राेका जा सकता है। वहीं न्यू चंडीगढ़ को जोड़ने वाली पीआर फोर रोड के लिए 17.76 एकड़ जमीन एक्वायर होनी है। जोकि मुअावजा नहीं उठाए जाने के कारण नहीं हो सकी। इसमें धनास गांव की 5.56 एकड़ जमीन एक्वायर होनी है जबकि गांव डड्डूमाजरा की जमीन 12.20 एकड़ एक्वायर की जानी है। इस्टेट ऑफिस की ओर से घोषित किए अवार्ड अनुसार गांव धनास वासियों को प्रति एकड़ 5 करोड़ दिया जाना था जबकि गांव डड्डूमाजरा वासियों की प्रति एकड़ जमीन एक्वायर का 3.5 करोड़ मुआवजा मिलना था। इसके खिलाफ गांव वासी कोर्ट जा पहुंचे। गांव धनास के पूर्व सरपंच कुलजीत सिंह रंधावा का कहना है कि गांव वासियों के वकील ने 21 फरवरी की हियरिंग में तर्क दिया था कि धनास अाैर डड्डूमाजरा गांव नगर निगम में हैं। यहां पंजाब म्युनिसिपल एक्ट लागू है। पंजाब म्युनिसिपल एरिया में जमीन एक्वायर का रेट अर्बन के हिसाब से बनता है जबकि इस्टेट ऑफिस ने मुआवजा रूरल एरिया के हिसाब से तय किया हुअा है। इसपर कोर्ट ने प्रशासन से नोटिस जारी करके जवाब मांगा कि इन दाेनाें गांव की जमीन राेड के लिए एक्वायर रूरल एरिया के हिसाब से क्यों की जा रही हैं। इस मामले की 24 मार्च को हियरिंग है।
धनास से न्यू चंडीगढ़ को जोड़ने वाली 1.7 किलोमीटर पीआर फोर रोड बनाने का एस्टीमेट बनाया जा रहा है। वहीं विकास मार्ग से न्यू चंडीगढ़ को जोड़ने वाली पी आर फाइव रोड के लिए जमीन एक्वायर का काम एनएओ द्वारा किया जा रहा है। -सीबी ओझा, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, प्रशासन
एकड़ जमीन एक्वायर का 3.5 करोड़ मुआवजा मिलना था। इसके खिलाफ गांव वासी कोर्ट जा पहुंचे। गांव धनास के पूर्व सरपंच कुलजीत सिंह रंधावा का कहना है कि गांव वासियों के वकील ने 21 फरवरी की हियरिंग में तर्क दिया था कि धनास अाैर डड्डूमाजरा गांव नगर निगम में हैं। यहां पंजाब म्युनिसिपल एक्ट लागू है। पंजाब म्युनिसिपल एरिया में जमीन एक्वायर का रेट अर्बन के हिसाब से बनता है जबकि इस्टेट ऑफिस ने मुआवजा रूरल एरिया के हिसाब से तय किया हुअा है। इसपर कोर्ट ने प्रशासन से नोटिस जारी करके जवाब मांगा कि इन दाेनाें गांव की जमीन राेड के लिए एक्वायर रूरल एरिया के हिसाब से क्यों की जा रही हैं। इस मामले की 24 मार्च को हियरिंग है।
प्रशासन हाल ही में सुप्रीम काेर्ट के केस का हवाला दे सकता है , जिसमें जमीन अधिग्रहण एक्ट 2013 अनुसार मुअावजे के चलते प्राेजेक्ट के लिए जमीन एक्वायर करने से नहीं राेका जा सकता है। वहीं न्यू चंडीगढ़ को जोड़ने वाली पीआर फोर रोड के लिए 17.76 एकड़ जमीन एक्वायर होनी है। जोकि मुअावजा नहीं उठाए जाने के कारण नहीं हो सकी। इसमें धनास गांव की 5.56 एकड़ जमीन एक्वायर होनी है जबकि गांव डड्डूमाजरा की जमीन 12.20 एकड़ एक्वायर की जानी है। इस्टेट ऑफिस की ओर से घोषित किए अवार्ड अनुसार गांव धनास वासियों को प्रति एकड़ 5 करोड़ दिया जाना था जबकि गांव डड्डूमाजरा वासियों की प्रति