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अभी भी 98% लोग इम्युनिटी के बल पर बचे हैं कोरोना वायरस से
}तीन चीजों का रखें ख्याल... डॉ. विशाल भामरी ने कहा कि इस बीमारी से बचाव के लिए हमें मेन की थ्योरी का ख्याल रखना होगा, इसमें एम यानी माउथ, ई से आइज और एन से नाेज इन तीनों को हाथ न लगाएं। ऐसा करने से यह वायरस आपसे दूर रहेगा। आम लोगों को इस वायरस की मार से बचने के संबंध में जागरूक करने की जरूरत है। पीजीआई डायटीशियन सुनीत मल्होत्रा ने कहा कि स्वस्थ खान-पान, रोजाना व्यायाम की आदत तथा अपने शरीर की साफ-सफाई रखें तो आप इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना घर में पका खाना एवं फल एव सब्जियां का प्रयोग भरपूर मात्रा में करने से भी हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है।
कोरोना वायरस काे लेकर लोगों में घबराहट है। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है, बस जरूरत है तो इससे बचाव और इससे लड़ने की। आपका इम्यून सिस्टम दुरुस्त है तो कोरोना वायरस की चपेट में आप नहीं आ सकते। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी विश्व में 98 फीसदी लोग अच्छे इम्यून सिस्टम की वजह से बचे हुए हैं। 2 फीसदी लोग हैं, जो इस बीमारी की चपेट में आए हैं। यह बात जोशी फाउंडेशन से करवाई कॉन्फ्रेंस में मेडिसन के एक्सपर्ट्स एवं साइंटिस्टों ने कही। इसमें पीजीआई, आइजर सहित अन्य संस्थाओं विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। जोशी फाउंडेशन के चेयरमैन विनीत जोशी की अगुवाई में आयोजित राउंड टेबल काॅन्फ्रेंस में एक्सपर्ट ने कहा कि मनुष्य की जिंदगी के लिए घातक इस वायरस से बचाव के लिए इलाज के साथ जागरूकता जरूरी है। एक्सपर्ट्स का मानना था कि इन दिनों सोशल मीडिया पर इस वायरस को लेकर तरह-तरह के भ्रामक मैसेज आ रहे हैं। हमें इन पर कतई विश्वास नहीं करना चाहिए। इससे हमारे बीच तनाव होता है जिससे हमारा इम्यून सिस्टम डगमगा सकता है। आइजर के डाॅ. इंद्रानिल बैनर्जी ने कहा कि अभी तक इस बात को साइंटिफिक प्रमाण नहीं है कि जैसे ही तापमान अधिक होगा तो यह वायरस खत्म हो जाएगा। इसलिए अवाश्यक है कि हर पैथी के गुणों को अपनाकर इंटिग्रेटिव मेडिसन को बढ़ावा देना चाहिए। डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि ऐसे रिसर्च के आंकड़ों को इंटिग्रेटिव मेडिसन केस रिपोर्ट नामक नए जर्नल में किया जाएगा। त्रिफला, गिलोये व आंवला खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज के जनरल सेक्रेटरी डाॅ. नरेश मित्तल ने कहा कि इम्यून सिस्टम को अगर मजबूत रखना है तो त्रिफला, गिलोये और आंवले का भरपूर सेवन आपको स्वस्थ रखने में मददगार रहता है। कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ. एचके बाली, प्रोफेसर अक्षय आनंद, बायो-कैमिस्ट्री डिपार्टमेंट के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर राजिन्द्र प्रसाद, आइजर के डॉ. इंद्रानी बैनर्जी आदि ने कहा कि मेडिकल खोज में यह स्पष्ट हुआ है कि इस किस्म का वायरस मौसम की तबदीली के अलावा अलग-अलग समय में अपना रूप बदलता रहता है। बेशक इस तरह के वायरस से बचाव के लिए कोई दवाई अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी, रोजाना आदतों पर सुधार करके वायरस से बचा जा सकता है।
ने कहा कि इम्यून सिस्टम को अगर मजबूत रखना है तो त्रिफला, गिलोये और आंवले का भरपूर सेवन आपको स्वस्थ रखने में मददगार रहता है। कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ. एचके बाली, प्रोफेसर अक्षय आनंद, बायो-कैमिस्ट्री डिपार्टमेंट के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर राजिन्द्र प्रसाद, आइजर के डॉ. इंद्रानी बैनर्जी आदि ने कहा कि मेडिकल खोज में यह स्पष्ट हुआ है कि इस किस्म का वायरस मौसम की तबदीली के अलावा अलग-अलग समय में अपना रूप बदलता रहता है। बेशक इस तरह के वायरस से बचाव के लिए कोई दवाई अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी, रोजाना आदतों पर सुधार करके वायरस से बचा जा सकता है।
संस्थाओं विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। जोशी फाउंडेशन के चेयरमैन विनीत जोशी की अगुवाई में आयोजित राउंड टेबल काॅन्फ्रेंस में एक्सपर्ट ने कहा कि मनुष्य की जिंदगी के लिए घातक इस वायरस से बचाव के लिए इलाज के साथ जागरूकता जरूरी है। एक्सपर्ट्स का मानना था कि इन दिनों सोशल मीडिया पर इस वायरस को लेकर तरह-तरह के भ्रामक मैसेज आ रहे हैं। हमें इन पर कतई विश्वास नहीं करना चाहिए। इससे हमारे बीच तनाव होता है जिससे हमारा इम्यून सिस्टम डगमगा सकता है। आइजर के डाॅ. इंद्रानिल बैनर्जी ने कहा कि अभी तक इस बात को साइंटिफिक प्रमाण नहीं है कि जैसे ही तापमान अधिक होगा तो यह वायरस खत्म हो जाएगा। इसलिए अवाश्यक है कि हर पैथी के गुणों को अपनाकर इंटिग्रेटिव मेडिसन को बढ़ावा देना चाहिए। डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि ऐसे रिसर्च के आंकड़ों को इंटिग्रेटिव मेडिसन केस रिपोर्ट नामक नए जर्नल में किया जाएगा। त्रिफला, गिलोये व आंवला खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज के जनरल सेक्रेटरी डाॅ. नरेश मित्तल