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पेपर शुरू करने से पहले स्टूडेंट्स सभी सेक्शन को एक लिमिटेड टाइम में बांट लें

एक वर्ष पहले
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सीबीएसई की ओर से 14 मार्च को 12वीं क्लास के बायोलॉजी का एग्जाम है और स्टूडेंट्स उसकी तैयारी कैसे कर सकते हैं इसको लेकर भास्कर ने सेक्रेड हार्ट स्कूल सेक्टर 26 में बायोलॉजी की टीचर अनुपम लेखी से बात की। “एग्जाम उत्सव: यहां हर सवाल का जवाब मिलेगा’ कैंपेन के तहत टीचर अनुपम ने बताया कि कैसे स्टूडेंट्स स्ट्रैस फ्री रहते हुए आखिरी मिनट की तैयारी करें।

}बायोलॉजी के इम्पॉर्टेन्ट टिप्स


} डायग्राम्स की प्रैक्टिस सिर्फ एनसीईआरटी की बुक से कम से कम तीन से चार बार करें और ड्राॅइंग करते समय कोशिश करें कि आप लेबलिंग के साथ उस पार्ट को बनाएं। इससे लेबलिंग्स को याद करने में आसानी होती है।

} पेपर शुरू करने से पहले सभी सेक्शन को एक लिमिटेड टाइम में बांट लें और 1 मार्क क्वेश्चन को 20 मिनट से ज्यादा समय ना दें क्योंकि लंबे सवालों को करने के लिए ज्यादा समय चाहिए।

} साइंटिफिक टर्म्स ना याद हो आपको तो आप उसकी ईजी टर्म में भी आंसर्स दे सकतेहै लेकिन ध्यान रहे की वो जवाब सही हो। इससे आपके नंबर्स कटने पर बहुत कम असर पढता है।

10वीं के मैथ्स एग्जाम..गुरुकुल ग्लोबल, मनीमाजरा में मैथ्स के एचओडी राजीव चावला ने बताया कि इस साल के मैथ के एग्जाम का पैटर्न में बदलाव किये गए। सेक्शन ए में इस बार एक मार्क्स के 20 सवाल जो की कॉन्सेप्ट बेस्ड थे, सेक्शन बी में दो मार्क्स के 6 सावल, सेक्शन सी में तीन मैक्स के 8 सावल और सेक्शन डी में चार मार्क्स के 6 सवाल आए थे।

}ऐसे करें 14 मार्च को होने वाले बायोलॉजी का पेपर अटेंप्ट

टीचर अनुपम लेखी ने कहा कि स्टूडेंट्स को शुरुआत 1 मार्क के क्वेश्चन या फिर 5 मार्क के क्वेश्चन से करनी चाहिए ना की बीच-बीच के सवालों से। इससे आपके पेपर को लेकर कंटीन्यूटी बनी रहती है और सीक्वेंस की वजह से एग्जामिनर को भी पढ़ने में दिक्कत नहीं होती। मुश्किल या कंफ्यूज सवालों के लिए जगह छोड़ कर आगे बढ़ें। इससे समय बचता है। बॉयो के एग्जाम में लेंथी पैराग्राफ लिखने की जगह आप पॉइंट्स में जवाब दें और इम्पॉर्टेन्ट शब्दों को हाईलाइट करें। हर नए जवाब के बीच में एक लाइन का गैप दें और क्वेश्चन नंबर को बोल्ड में लिखें ताकि एग्जामिनर सवाल को लेकर कंफ्यूज ना हो। 3 मार्क के सवाल में आप 3 सबसे ज्यादा इम्पॉर्टेन्ट पॉइंट्स और 6 सब इंपॉर्टेन्ट पॉइंट्स लिखें।

इस साल के मैथ्स एग्जाम में मुश्किल सवाल नहीं आए

जिन बच्चों ने ऑप्शनल एक्सरसाइज का भी अभ्यास किया था यानि कि पूरी बुक का अच्छे से अभ्यास किया उनके लिए पेपर काफी आसान रहा। इस साल के मैथ्स एग्जाम में ट्रिकी सवाल नहीं आए और ज्यादातर बच्चों ने एग्जाम भी तय समय में पूरा किया था। एक मार्क्स वाले सवालो में वही बच्चे अच्छा कर पाए होंगे जिनके कॉन्सेप्ट्स अच्छे से क्लियर होंगे। ओवरऑल एग्जाम की बात करें, चाहें स्टैंडर्ड हो या बेसिक दोनों एनसीईआरटी बेस्ड आए। अगर आपको बेसिक पेपर सॉल्व करने में ज्यादा कठनाई न हुई हो तो आप इस साल का स्टैंडर्ड भी सॉल्व कर सकते थे क्योंकि दोनों पेपर में ज्यादा अंतर नही रहा और दोनों ही एनसीईआरटी बेस्ड रहे।

}एवरेज स्टूडेंट्स..

बॉयो में एवरेज स्कोर करने के लिए यूनिट फर्स्ट, थर्ड और पांचवे में रिप्रोडक्शन, ह्यूमन हेल्थ व डिसीज और इकोलॉजी चैप्टर्स पढें। यूनिट सेकेंड और फोर्थ में जेनेटिक और बायोटेक्नोलॉजी जैसे टफ चैप्टर्स थोड़े मुश्किल होते है लेकिन इन यूनिट्स से 18 मार्क का सवाल हमेशा अाता है इसलिए सेकंड और फोर्थ यूनिट्स से आप आसान टॉपिक्स जरूर पढ़ें और इन चैप्टर्स के सभी डायग्राम की रेगुलर प्रैक्टिस भी करें। इसकी मदद से आप डायग्राम और कुछ पॉइंट्स लिख कर स्टूडेंट अच्छा स्कोर कर सकते हैं।

 }अनुपम लेखी

 }राजीव चावला
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