कोरोना: संकट सेनिटाइजर का, शॉर्टेज या कालाबाजारी
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन: भीड़ वाले रेलवे के टिकट काउंटर खाली...लंबी दूरी की ट्रेनों के अलावा पैसेजर ट्रेनों में अन्य दिनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या दिनों-दिन घट रही है। अब हालात ऐसे हो रहे है खचाखच भरकर चलने वाली ट्रेनें खाली ही गंतव्य की ओर रवाना हो रही है।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी सेनिटाइजर बाजार में बहुत कम कैमिस्ट शॉप पर मिल रहा है। जहां मिल रहा है वहां पर नॉन ब्रांडेड सेनिटाइजर ज्यादा बिक रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बद्दी और आसपास के इलाकों में दवा मेन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने डिमांड को देखते हुए जेल बेस्ड सेनिटाइजर बनाने शुरू कर दिए हैं। डॉक्टरों की मानें तो जेल बेस्ड सेनिटाइजर से बैक्टीरिया खत्म नहीं होता। जहां तक कोरोना वायरस का सवाल है तो इसके बैक्टीरिया 70 परसेंट अल्कोहल वाले सेनिटाइजर से ही खत्म होते हैं, जो मार्केट में 50 फीसदी शॉप पर उपलब्ध है। जहां उपलब्ध है वहां पर स्टॉक लिमिटेड है। यही वजह है कि कुछ शॉप कीपर लोगों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। हालांकि कुछ शाप्स एमआरपी पर ही यह सेनिटाइजर मिल रहा है। लेकिन शॉर्टेज होने के कारण सभी दुकानों पर यह उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से लोगों को सेनिटाइजर खरीदने में दिक्कत आ रही है।
एल्कोहलिक सेनिटाइजर
हिमालया का एस्टरलियम, मेडिप्रो, मेडिशील्ड यह सभी मेडिकेटेड अल्कोहल युक्त ब्रांडेड सेनिटाइजर हैं। लेकिन डिमांड ज्यादा होने से शॉर्टेज हो गई। एक शॉप कीपर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि रोजाना नई-नई कंपनियों के सेनिटाइजर के सैंपल लेकर आ रहे हैं। उन्हें पता है कि यही मौका है जब परेशान होकर शहर के लाेग किसी भी कंपनी का सेनिटाइजर खरीदने को तैयार हैं।
तीन टीमें बनाई गई हैं
मास्क, सेनिटाइजर एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के दायरे में आते हैं। जांच के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। पुलिस की मदद से टीमें छापेमारी कर रही हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि अगर सेनिटाइजर नहीं है, तो 20 सेकंड तक अच्छी तरह साबुन से हाथ धोकर काम चला सकते हैं।
- डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस, यूटी चंडीगढ़
सरकारी दफ्तर और बड़े संस्थान हों बंद
कोराना वायरस के चलते सिर्फ सरकारी स्कूल नहीं बल्कि सरकारी दफ्तर और बाकी बड़े प्राइवेट आॅफिसों को भी बंद करने की मांग प्रशासक से की गई है। वहीं चंडीगढ़ प्रशासक वीपी सिंह बदनोर को कांग्रेसी पार्षद देविंदर सिंह बबला ने लेटर भेजा है। कहा कि हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से लोगों को जागरूक करना चाहिए। शहर में अलग-अलग जगह हेल्थ कैंप लगाये जाने चाहिए। ज्यादातर कैंप काॅलोनियों और गावों में लगाने जरूरी है।
टाइपिंग टेस्ट नहीं किया कैंसिल
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट अखिल आहुजा की तरफ से प्रशासन को शिकायत की गई है कि कोरोना वायरस के चलते स्कूल बंद है, यूनिवर्सिटी बंद है। लेकिन जिस टेस्ट को देने के लिए दूसरे राज्यों से भी एप्लीकेंट्स आएंगे उसको रद्द नहीं किया गया। दरअसल प्रशासन में क्लर्कों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर रिटर्न एग्जाम हो चुका जबकि इसके लिए एप्लीकेंट्स का अब रविवार से ही अलग-अलग बैच में टाइपिंग टेस्ट होना है।
एमटेक सेकंड ईयर और पीएचडी के स्टूडेंट्स जारी रख सकेंगे रिसर्च
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने को कैंपस बंद करने का फैसले किया है। एमटेक सेकंड ईयर के स्टूडेंट्स और पीएचडी स्टूडेंट्स को हॉस्टल में रहने की इजाजत रहेगी और उन स्टूडेंट्स को भी चिंता नहीं है, जाे भारत से बाहर के हैं। यदि कोई और स्टूडेंट हॉस्टल में रहना चाहता है तो उसे डीन स्टूडेंट अफेयर से इस बारे में संपर्क करना होगा। एमटेक सेकंड ईयर के स्टूडेंट्स और पीएचडी स्टूडेंट्स अपना रिसर्च और प्रोजेक्ट वर्क जारी रखेंगे। बीटेक थर्ड ईयर के स्टूडेंट जो कहीं ना कहीं इंटर्नशिप के कारण बाहर हैं, वह अपने होस्ट ऑर्गेनाइजेशन की ओर से जारी गाइडलाइंस को फॉलो करेंगे। स्टूडेंट्स के जरिए यह जानकारी पैक तक पहुंची है कि बहुत सारे ऑर्गेनाइजेशन अपने एंपलॉयर्स को वर्क फ्रॉम होम की इजाजत दे रहे हैं।
स्टूडेंट्स परेशान, हैदराबाद मुंबई वालों ने कराई बुकिंग
गोरखपुर निवासी एक स्टूडेंट ने बताया कि पैरेंट्स घर आने की इजाजत नहीं दे रहे, टिकट भी नहीं मिल रही, इसलिए समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि हैदराबाद, मुंबई के दोस्तों ने बुकिंग की है लेकिन बाकी साउथ इंडिया वाले डिसाइड नहीं कर पा रहे। हॉस्टल छोड़ने पर दोबारा क्लासेज शुरु होने पर ही आ सकेंगे।
टूरिज्म पर भी कोरोना वायरस का साया, खचाखच भरकर चलने वाली ट्रेनें जा रही खाली
चंडीगढ़, रविवार 15 मार्च, 2020 |6
पीयू: मेस वर्कर को सेफ्टी मास्क दिए जाएं
सीटीयू बसों को सेनेटाइज करने का काम शुरू
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की हर रोज लोकल और लांग रूट के लिए करीब 450 बसों में 1.50 लाख लोग हर रोज ट्रैवल करते हैं। इन बसों को भी सेनेटाइज का काम शनिवार से शुरू है। लांग रूट की बसों को सेनेटाइज के बाद ही बाहर निकाला गया। इसमें सोडियम हाइपोक्लोराइट साॅल्यूशन का बसों में छिड़काव किया जा रहा है।
यूनिवर्सिटी के डीएसडब्ल्यू प्रो इमैनुएल नाहर ने सभी हॉस्टलों को आदेश दिए हैं कि उनके कैंटीन मैस वर्कर के टेस्ट कराए जाएं। यह टेस्ट बिना अदायगी के होने चाहिए और यूनिवर्सिटी का हेल्थ सेंटर ज्यादा समय तक खोले जाने का इंतजाम किया जाए। सभी मैस वर्कर्स को हैंड सैनिटाइजर और सेफ्टी मास्क दिए जाएं। यदि कोई बाहर से वर्कर लौटकर आता है तो पहले उसको मेडिकल सर्विलेंस में रखा जाए यह डिमांड पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (पूसु) और इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) ने भी की है।
कोरोना वायरस के खतरे और 31 मार्च तक यूनिवर्सिटी की क्लासेस सस्पेंड होने के कारण स्टूडेंट्स फॉर सोसाइटी ने अपना प्लांड प्रोटेस्ट भी रद्द कर दिया है। आइजर डिपार्टमेंट में परमानेंट फैकल्टी ना होने के कारण स्टूडेंट्स 16 मार्च को प्रोटेक्ट करने वाले थे।
स्टूडेंट्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है, दूर वाले स्टूडेंट्स हमारे पास काफी कम हैं और केस के अनुसार उनको रुकने की इजाजत दी जा सकती है।
प्रो. धीरज सांघी, डायरेक्टर, पेक
रॉक गार्डन: घूमने आने वालों की भी संख्या घटी...ज्यादा चहल-पहल वाले राॅक गार्डन में इन दिनों काफी कम संख्या में लोग आ रहे हैं। इस दौरान गार्डन को देखने वाले लाेगों की संख्या में 20 से 25% तक की गिरावट दर्ज की गई है।