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सुपरिंटेंडेंट के साथ पहले 36 पेग पिए फिर गला घोंटकर मारा और झाड़ी में फेंका

एक वर्ष पहले
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प्लास्टिक के बड़े लिफाफे से ढक दिया शव...लाश को गाड़ी से खींचकर बाहर निकालने के बाद झाड़ियों में फेंक देता है और प्लास्टिक के बड़े लिफाफे से शव को ढक देता है, ताकि किसी की नजर उस पर न पड़ सके। बाहर निकालने के बाद भी दो बार उसकी नब्ज चेक करता है और कुछ समय खड़ा होकर यह भी देखता है कि कोई हिलजुल तो नहीं हो रही। जब उसे कुलविंदर की मौत का पूरा विश्वास हो जाता है तो अपनी गाड़ी से चला जाता है।

प्यार तथा पैसे का लालच इंटेलिजेंस के सीनियर सुपरिटेंडेंट कुलविंदर सिंह के आरोपी इकबाल सिंह पर इस कदर हावी था कि उसने सुपरिटेंडेंट को मारने की पूरी योजना तैयार कर ली थी। कत्ल से कुछ घंटे पहले इकबाल ने कुलविंदर को चंडीगढ़ के होटल में ले जाकर खूब शराब पिलाई। पुलिस सूत्रों के अनुसार होटल में दोनों ने वैट-69 शराब के 36 पेग लगाए थे।

शराब पीने के बाद दोनों ही होटल से बाहर आते हुए सीसीटीवी में दिखाई देते हैं, जिसमें सुपरिटेंडेंट बुरी तरह से लड़खड़ाता हुआ बाहर निकलता है। नशे में धुत कुलविंदर को कातिल इकबाल अपनी रिट्ज गाड़ी में बैठाकर ले जाता है। सूत्रों के अनुसार उसने गाड़ी में हवा से भरे कुछ गुब्बारे भी रखे हुए थे, ताकि अगर लाश को छुपाना पड़े तो पिछली सीट पर लाश काे डालकर ऊपर गुब्बारे रख सके। इकबाल ने महिला शीतल के प्यार तथा कुलविंदर से पैसे लिए पैसे वापिस न देने से बचने के लिए कुलविंदर को मौत के घाट उतार दिया।

आरोपी इकबाल कुलविंदर

होटल से बाहर आते हुए कुलविंदर सिंह व आरोपी इकबाल।

इकबाल ने साजिश के तहत पूरी प्लानिंग से कुलविंदर का कत्ल किया है। उससे पहले होटल में काफी ज्यादा शराब पिलाई। कुलविंदर बेसुध कर उसका कत्ल किया गया। इकबाल से पूछताछ की जा रही है, चार दिनों के पुलिस रिमांड पर है।

दलजीत सिंह, एसएचओ सोहाना पुलिस स्टेशन

रस्सी भी पहले से रखी थी कार में...पहले पत्थर से खून निकलने के बाद इकबाल ने कुलविंदर की नब्ज चेक की थी। वह मर गया या नहीं। नब्ज चलती देख गाड़ी में रखी रस्सी निकाल कुलविंदर का गला घोटता है। काफी देर तक कुलविंदर के गले को रस्सी से दबाए रखता है और करीब 20 मिनट तक उसकी नब्ज अपने हाथों में पकड़े रखता है। मौत होने का पूरा यकीन होने के बाद रवाना हो जाता है।

गाड़ी की सीट पर बैठे कुलविंदर के सिर पर करता रहा पत्थरों से वार...चंडीगढ़ के होटल से दोनों बाहर निकलते हैं। उसके बाद इकबाल कुलविंदर को अपनी कार में बैठाकर ले जाता है। इकबाल खुद गाड़ी ड्राइव करता है और अपने बिल्कुल साथ ही सीट पर कुलविंदर को बैठा देता है। शराब के कारण बेसुध कुलविंदर को एयरपोर्ट रोड की सुनसान स्लीप रोड पर ले जाता है। वहां जाकर इकबाल गाड़ी रोक बाहर से पत्थर उठाकर सीट पर बैठे कुलविंदर के सिर पर मारना शुरू कर देता है। कुलविंदर के सिर तथा शरीर खून से लथपथ हो जाता है। फिर वह यह देखता है कि वह मर गया या नहीं। इसके बाद जब उसे सांस चलती मिली तो उसने रस्सी से उसका गला घोट दिया और तब तक नहीं छोड़ा जब तक वह मर नहीं गया।
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