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- Chandigarh News Former Assistant Engineer And His Wife Was Imprisoned For 3 Years 174 More Than His Wealth
पूर्व असिस्टेंट इंजी. और उसकी पत्नी को 3 साल कैद, आय से 174% ज्यादा संपत्ति जोड़ रखी थी
}भ्रष्टाचार रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जरूरत: जज
काली कमाई हर किसी को अंधा कर देती है। कुछ लोग पैसों को देखकर अपना \\\"जमीर\\\' बेच देते हैं और जब फंसते हैं तो माथे पर हाथ रखकर रोते हैं। क्योंकि उन्हें जेल की चारदीवारी में दिन काटने पड़ते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ यूटी के पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर राजेश चड्ढा और उसकी प|ी मंजू चड्ढा के साथ। दोनों को सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में 3-3 साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 85 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पति-प|ी के खिलाफ सीबीआई ने 2010 में केस दर्ज किया था। 2009 में चड्ढा को सीबीआई ने 70 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने जांच की तो पता चला कि उसने करोड़ों की संपत्ति जोड़ रखी है। इसके बाद सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति का भी केस दर्ज किया। रिश्वत केस में चड्ढा को 2012 में ही ढाई साल की सजा हो चुकी है।
}1.36 करोड़ रुपए की संपत्ति
{ 62,55,000 रुपए के 178 किसान विकास पत्र
{31,81,222 रुपए अकाउंट में
{21,27,716 रुपए की एफडी और एलआईसी पॉलिसी
{14,70,000 रुपए की पोस्ट ऑफिस सेविंग्स
{3,02,391 रुपए का कुरुक्षेत्र में 6 मरले का प्लॉट
{3,18,264 की जेन कार
काली कमाई हर किसी को अंधा कर देती है। कुछ लोग पैसों को देखकर अपना \\\"जमीर\\\' बेच देते हैं और जब फंसते हैं तो माथे पर हाथ रखकर रोते हैं। क्योंकि उन्हें जेल की चारदीवारी में दिन काटने पड़ते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ यूटी के पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर राजेश चड्ढा और उसकी प|ी मंजू चड्ढा के साथ। दोनों को सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में 3-3 साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 85 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पति-प|ी के खिलाफ सीबीआई ने 2010 में केस दर्ज किया था। 2009 में चड्ढा को सीबीआई ने 70 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने जांच की तो पता चला कि उसने करोड़ों की संपत्ति जोड़ रखी है। इसके बाद सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति का भी केस दर्ज किया। रिश्वत केस में चड्ढा को 2012 में ही ढाई साल की सजा हो चुकी है।
सीबीआई के सरकारी वकील कंवर पाल सिंह ने कोर्ट में बहस करते हुए कहा कि चड्ढा और उसकी प|ी ने 13 साल में अपनी-अपनी नौकरी से 56 लाख रुपए की सैलरी हासिल की। लेकिन अलग-अलग सोर्सेस से इनके पास 1 करोड़ 36 लाख रुपए से भी ज्यादा की संपत्ति की जानकारी सीबीआई को मिली। ये संपत्ति इनके पास किसान विकास पत्र, बैंक सेविंग, फिक्स्ड डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस सेविंग और कुरुक्षेत्र में 6 मरले के प्लॉट के रूप में थी। सीबीआई का आरोप है कि इन्होंने अपनी आय से 174 परसेंट से ज्यादा संपत्ति बना रखी थी, जोकि इन्होंने करप्ट और गलत तरीके से बनाई थी।
}अपील करने के लिए मिली जमानत, जुर्माना नहीं जमा करवाया तो जमानत होगी रद्द...
सीबीआई की जांच में जो संपत्ति मिली है, वह चड्ढा को पहले ही कोर्ट से रिलीज हो चुकी है। फिलहाल उन्होंने 85 लाख रुपए का जुर्माना कोर्ट में जमा नहीं करवाया है। अगर वह जुर्माने की रकम नहीं जमा करवाता है तो उसकी जमानत भी कैंसिल हो सकती है। हालांकि कोर्ट ने उसे एक महीने में अपील फाइल करने की शर्त पर जमानत दे दी है। उसके वकील राजन मल्होत्रा ने कहा कि वे सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
सरकारी अफसर अपने निजी फायदे के लिए अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। एक करप्ट ऑफिसर पूरे डिपार्टमेंट को बदनाम कर देता है। सोसायटी में बढ़ रही करप्शन को राेकने के लिए ऐसे अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।
-सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने जजमेंट में लिखा
}इनकम से 98 लाख रुपए ज्यादा की कमाई...
चड्ढा ने 1987 में यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में जॉइन किया था। उसकी प|ी 1992 में पंजाब गवर्नमेंट के साइंस टेक्नोलॉजी एंड एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट में क्लर्क भर्ती हुई थीं। 1987 से 2010 तक दोनों की सैलरी मिलाकर 56,26,171 रुपए बनती थी। जबकि जांच में इनके पास से कुल 1,36,54,600 रुपए की संपत्ति मिली। इसके अलावा इनके 17,79,935 रुपए के खर्चे की भी जानकारी मिली। इस तरह इनकी आय से 98 लाख रुपए ज्यादा की संपत्ति सीबीआई को पता चली थी।