अब सेनिटेशन विंग ने गीला-सूखा वेस्ट सेग्रिगेशन कराना शुरू किया
लोग बोले-निगम ने लॉन्च कर दी स्कीम...वहीं शहरवासियों का कहना है कि नगर निगम ने डोर टू डोर वेस्ट सूखा- गीला सेग्रिगेशन करके उठाने की स्कीम लॉन्च कर दी। इस संबंधी पब्लिक नोटिस भी कई महीने पहले जारी किए गए थ्े। इसके बाद एमसी की सेनिटेशन विंग ने चालान भी करने शुरु कर दिए थे। लेकिन इसके बाद सेग्रिगेशन करने का काम बंद हो गया था। अब दोबारा से एमसी इसी स्कीम को डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर के सिस्टम के जरिए शुरु कर रहा है। इस संबंधी डोर टू डोर वेस्ट उठाने वाले प्राइवेट कलेक्टर को भी अवेयर किया जा रहा है।
नगर निगम के सेनिटेशन विंग ने शहर के कई सेक्टर्स में मौजूदा डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर्स के जरिए गीला-सूखा वेस्ट सेग्रिगेशन करवाना शुरु कर दिया है। पूरे शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर्स के जरिए गीला -सूखा वेस्ट सेग्रिगेशन करने के लिए अब एरिया काउंसलर मॉनिटरिंग करेंगे। मेयर राजबाला मलिक ने शुक्रवार को सभी काउंसलर को मैसेज भिजवा दिया है कि शनिवार और रविवार को डोर टू डोर गारबेज सेग्रिगेशन करने वालों को मॉनिटर करें, ताकि म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 को इंप्लीमेंट किया जा सके। ऐसा किए जाने से पहली अप्रैल के बाद से एनजीटी के ऑर्डर पर 10 लाख रुपए के जुर्माने से बचा जा सके।
एमसी को शहर से डोर टू डोर सेग्रिगेशन किए वेस्ट को उठाने के लिए 435 गाडियां मिलने में छह माह लगेंगे। इसकी वजह पहली अप्रैल के बाद बीएस सिक्स व्हीकल ही रजिस्टर्ड होने लगेंगी। इन व्हीकल कंपनियां बनाकर गवर्नमेंट ई मार्केटिंग वेब पर काफी समय बाद ही सेल करने लगेंगी। इसको देखते हुए निगम कमिश्नर केके यादव की डायरेक्शन पर एमओएच डॉक्टर अमृत सिंह वडिंग ने मौजूदा डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर्स को ही सेग्रिगेशन करके वेस्ट उठाने के लिए तैयार कर लिया। डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर इस वीक एमओएच डॉक्टर वडिंग के साथ मीटिंग करके वेस्ट सेग्रिगेशन करके उठाने की सहमति दे गए। वे अपने मौजूदा सिस्टम से ही ऐसा करने को तैयार हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के ऑर्डर अनुसार पहली अप्रैल के बाद म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 नहीं लागू करने वाली एमसी जिसकी पॉपुलेशन 10 लाख से ज्यादा हैं उसपर 10 लाख माह का जुर्माना लगेगा। इस जुर्माने से बचने के लिए एमसी चंडीगढ़ भी काउंसलर की मदद से म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को लागू करने में लगा है।