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सभी अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर बनाने के आदेश

एक वर्ष पहले
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प्रदेश सरकार ने कोरोनावायरस को महामारी घोषित कर दिया है। सरकार ने कहा है कि सभी सरकारी-निजी अस्पतालों में कोविड-19 के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए फ्लू कॉर्नर होने चाहिए। वायरस के संदिग्ध व्यक्ति की यात्रा का रिकॉर्ड दर्ज करना होगा। पीड़ित या संदिग्ध को अलग रखकर टेस्ट किए जाएंगे। सभी नमूने जिला नोडल अधिकारी द्वारा नामित लैब में भेजे जाएंगे। सिविल सर्जन कार्यालय को तुरंत सूचना दी जानी चाहिए। यदि व्यक्ति ऐसे देश या क्षेत्र की यात्रा करके आया है, जहां कोविड-19 के मामले सामने आएं हैं तो पिछले 14 दिन का रिकॉर्ड रखना है। अगर व्यक्ति काेरोनावायरस पीड़ित या संदिग्ध के संपर्क में आया है तो उसे 14 दिन के लिए घर के अंदर ही अलग रखा जाना चाहिए। जिला प्रशासन को भौगोलिक क्षेत्र सील करने, प्रतिबंधित क्षेत्र से लोगों को बाहर निकलने व प्रवेश करने से रोकना, स्कूलों व कार्यालयों को बंद कराना, सार्वजनिक समारोह, क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध, किसी भी भवन को वायरस रोकथाम इकाई के रूप में नामित करने के अधिकार होंगे। अफवाह फैलाने को दंडनीय अपराध माना जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव या जिले के डीसी आदेशों का उल्लंघन करने वालों को दंडित कर सकते हैं।

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