- Hindi News
- National
- Chandigarh News Participation Of Women In Indian Credit Market Increased
भारतीय क्रेडिट मार्केट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
भारतीय क्रेडिट सेक्टर में महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है और ट्राईसिटी में भी क्रेडिट कार्ड से लेकर अन्य कई तरह के क्रेडिट लेने वाले महिलाओं की संख्या बढ़ी है। सितंबर 19 तक देश में कुल लोन लेने वालों में महिलाओं की संख्या 26 फीसदी रही जबकि सितंबर 13 में ये आंकड़ा 21 फीसदी था। कुल लोन लेने वाले लोगों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 1 फीसदी प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रही है। बीते साल में देश में 30 मिलियन महिलाओं ने विभिन्न तरह के लोन लिए हैं। ट्रांसयूनियन सिबिल की स्टडी के अनुसार ट्राईसिटी में भी महिलाओं में अलग अलग तरह के क्रेडिट लेने का ट्रेंड बढ़ा है। महिलाएं सबसे अधिक पर्सनल लोन ले रही हैं, वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और क्रेडिट कार्ड आदि के लिए भी वे लोन ले रहे हैं। वहीं ऑटो लोन, गोल्ड लोन या होम लोन में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है। ट्रांसयूनियन सिबिल की सीईओ हर्षला चंदोरकर ने बताया कि क्रेडिट उत्पादों की मांग करने वाली महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी ट्राईसिटी के क्रेडिट बाजार में बढ़ोतरी के संकेत दे रहा है। महिला उधारकर्ताओं के लिए आर्थिक अवसरों को अधिक सुलभ बना दिया है। वित्तीय संस्थानों को महत्वपूर्ण संभावना को उपयोग में लाना
होगा। इसके लिए उन्हें महिला उधारकर्ताओं की आवश्यकताओं के अनुसार उत्पाद तैयार करने होंगे ताकि व्यवसाय बढ़ सके और महिला उपभोक्ताओं को शानदार ग्राहक अनुभव मिले। इसी प्रकार 2019 में महिला उधारकर्ताओं द्वारा 6.3 मिलियन खाते खोले गए। यह संख्या पिछले 6 वर्षों में 6 गुना बढ़ी है। 2013 में महिला उधारकर्ताओं द्वारा खोले गए 1.1 मिलियन खाते थे।। काफी महिलाएं अपने कारोबार के लिए भी लोन ले रही हैं और स्टार्टअप सेक्टर में भी उनकी हिस्सेदारी में बढ़त देखी जा रही है।
किस-किस जरूरत के लिए
महिलाएं ले रही हैं लोन...
}पर्सनल लोन 37 फीसदी
} कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 24 फीसदी
} क्रेडिट कार्ड्र्स 12 फीसदी
} गोल्ड लोन 8 फीसदी
} होम लोन 3 फीसदी
} टूव्हीलर लोन 2 फीसदी
} ऑटो लोन 2 फीसदी
} अन्य 12 फीसदी
फाइनेंशियल अवेयरनेस भी बढ़ी...
हर्षला ने बताया कि महिला उधारकर्ताओं के बीच जागरूकता और लोन उत्पादों की समझ भी बढ़ी है। वर्ष 2018 से 2019 के बीच स्वयं निर्णय लेने वाली महिलाओं की संख्या में 62 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह स्वयं निर्णय लेने वाले पुरुष उपभोक्ताओं की वृद्धि दर से दोगुनी है। अपने सिबिल स्कोर और रिपोर्ट की जांच के तीन महीने के भीतर, 52फीसदी महिला उपभोक्ता कम से कम एक ऋण खाते या क्रेडिट कार्ड के लिए (केवल पूछताछ) आवेदन करती हैं। इसके अतिरिक्त, समग्र आधार पर 35 फीसदी महिलाएं वास्तव में ऋण खाता खोलने या क्रेडिट कार्ड का लाभ उठाने के लिए पहल करेंगी।
ट्रेंड बढ़ा है। महिलाएं सबसे अधिक पर्सनल लोन ले रही हैं, वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और क्रेडिट कार्ड आदि के लिए भी वे लोन ले रहे हैं। वहीं ऑटो लोन, गोल्ड लोन या होम लोन में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है। ट्रांसयूनियन सिबिल की सीईओ हर्षला चंदोरकर ने बताया कि क्रेडिट उत्पादों की मांग करने वाली महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी ट्राईसिटी के क्रेडिट बाजार में बढ़ोतरी के संकेत दे रहा है। महिला उधारकर्ताओं के लिए आर्थिक अवसरों को अधिक सुलभ बना दिया है। वित्तीय संस्थानों को महत्वपूर्ण संभावना को उपयोग में लाना
होगा। इसके लिए उन्हें महिला उधारकर्ताओं की आवश्यकताओं के अनुसार उत्पाद तैयार करने होंगे ताकि व्यवसाय बढ़ सके और महिला उपभोक्ताओं को शानदार ग्राहक अनुभव मिले। इसी प्रकार 2019 में महिला उधारकर्ताओं द्वारा 6.3 मिलियन खाते खोले गए। यह संख्या पिछले 6 वर्षों में 6 गुना बढ़ी है। 2013 में महिला उधारकर्ताओं द्वारा खोले गए 1.1 मिलियन खाते थे।। काफी महिलाएं अपने कारोबार के लिए भी लोन ले रही हैं और स्टार्टअप सेक्टर में भी उनकी हिस्सेदारी में बढ़त देखी जा रही है।
क्रेडिट प्रोफाइल भी सुधार रही हैं महिलाएं... महिलाओं ने क्रेडिट को लेकर अपनी समझ का भी परिचय दिया है और अपने सिबिल स्कोर व रिपोर्ट की जांच के छह महीने के भीतर, उनमें से 45 फीसदी ने अपने क्रेडिट प्रोफाइल (सिबिल स्कोर) में सुधार किया है। यह सुनिश्चित करता है कि ऋण की सबसे अधिक आवश्यकता होने की स्थिति में, वो ऋण का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं।