लेखकों ने मासिक गोष्ठी में सुनाई काव्य रचनाएं
सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़
चंडीगढ़ सेक्टर-11 में अभिव्यक्ति की मासिक गोष्ठी हुई। इसकी शुरुआत डॉ. वीरेंदर मेहंदीरत्ता ने फैज अहमद फैज की रचना का पाठ कर की। सीमा गुप्ता ने ‘साइकिल स्वार’ और ‘आखरी कविता और पूर्ण विराम’, विमल कालिया ने ‘आम और ख़ास’, विजय कपूर ने ‘वैसा ही मैंने तुम्हें पढ़ा’, ‘कविता’, ‘निजता’, अलका कांसरा ने ‘गुनगुनी सी धुप’ और ‘युद्ध’, डॉ. कैलाश आहलुवालिया ने ‘सूना है हमने’, ‘हम क्या करें गुज़ारिश’, डॉ. प्रसून प्रसाद ने अभी उसे मरने की फुर्सत कहाँ है’, बलवंत तक्षक ने ‘समय के साथ बदलती लड़की ‘ कविता सुनाई। इनके अलावा डॉ. दलजीत कौर, जरीना नगमी, डॉ. निर्मल सूद, रोहित चावला, सुभाष शर्मा, गौरव आहूजा, अश्वनी भीम, अगम ने अपनी-अपनी काव्य रचनाएं सुनाई। गोष्ठी के दूसरे चरण में डॉ. दलजीत कौर ने एक गधा चाहिए नाम के व्यंग्य का पाठ कर साहित्य में हो रही गुटबंदियों पर तीखा प्रहार किया। संचालन साहित्यकार विजय कपूर ने किया।