सीनियर सिटीजन ने गाए सदाबहार गीत
बचपन से गाने का शाैक
बचपन में गाना सुनने के लिए पान वाले भैया की दुकान पर खड़ा हो जाता था। उस जमाने में उनके पास रेडियो हुआ करता था। पिछले पैंतीस सालों से संगीत की इंडस्ट्री में गाकर कला के प्रति अपना फर्ज अदा कर रहा हूं। आज मैंने एक तेरा साथ हमको दो जान से प्यारा गाना गाया। 
- बीडी शर्मा
45 की उम्र के बाद गाना शुरू किया
 हमेशा से गाने का शौक रहा। जब म्यूजिशियन दोस्तों से ज्यादा मिलना-जुलना शुरू हुआ तो स्टेज पर परफॉर्म करने का मन करने लगा। अपने इस शौक को पूरा करने के लिए 45 साल की उम्र के बाद मैंने गाना शुरू किया। ऐसे प्लेटफॉर्म में जरूर पार्टीसिपेट करता हूं। मेरा दिल अभी भी बच्चे के जैसे गाने को तड़पता है। 
- डॉ. अनिल शर्मा 69
सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़
वो जमाना जब टीवी की स्क्रीन पर सारे रंग केवल ब्लैक एंड व्हाइट के माध्यम से ही देखे जाते थे, फिर से देखने को मिले सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर में सुरीला सफर - यादों का कारवां (ए जर्नी ऑफ ब्लैक एंड व्हाइट एरा) कार्यक्रम के दौरान। एआर मेलोडीज एसोसिएशन की अाेर से आयोजित यह कार्यक्रम सीनियर सिटीजंस को डेडिकेट किया गया। इसमें सीनियर सिटीजंस ने पुराने गाने गाकर पुराने दिनों को याद किया। सारे सिंगर्स और म्यूजिशियन ने ब्लैक एंड व्हाइट ड्रेस कोड को फॉलो किया। रिटायर्ड एसीएस (हरियाणा) एसएस प्रसाद, चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के चीफ इंजीनियर कम स्पेशल सेक्रेट्री मुकेश आनंद, आईपीओ-एस (हरियाणा) रंजू प्रसाद, एडीसी अंबाला जगदीप ढांडा और रिटायर्ड आईएएस रोशन लाल गेस्ट ऑफ ओनर रहे। कार्यक्रम में म्यूजिक डायरेक्टर डॉ. अरूण कांत ने म्यूजिक अरेंज किया। तीन ऐसे सीनियर सिटीजन को सम्मानित भी किया गया जो म्यूजिक फील्ड में अपना बड़ा योगदान दे चुके हैं। जिसमें चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन कमल अरोड़ा, हरियाणा के कल्चरल डिपार्टमेंट के नगाड़ा प्लेयर माजिद खान और पत्रकार व सिंगर बीडी शर्मा शामिल हैं। रुक जा ओ जानेवाली, सुहाना सफर और ये मौसम जवां आदि गाने गाए गए। जिन सीनियर सिटिजन ने गाने गाए उनसे हमने उनके पैशन को लेकर बात की।
_photocaption_ये कहना है इनका*photocaption*
सपने हों तो उम्र मायने नहीं रखती
 यूं तो शादी से पहले स्टेज पर गाती रही हूं, लेकिन शादी के बाद जब जिम्मेदारियां कंधे पर आई तो शाैक को कुछ समय के लिए भूलना पड़ा। जब बच्चे सेटल हो गए तो 40 साल बाद फिर से गाना शुरू किया। मैं मेरी उम्र नहीं बताऊंगी क्योंकि जब बात सपने पूरे करने की होती है तो उम्र मायने नहीं रखती। 
- नीरू कुमार अग्निहोत्री
Musical Eve