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सॉफ्टवेयर ने किया ट्रांसफर, अफसरों ने चहेतों की पुरानी पोस्टिंग पर ही बदली कर दी

एक वर्ष पहले
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}रिलीव न होने वालों की सैलरी रोकने के थे आदेश...7 मार्च को एसपी हेडक्वार्टर मनोज मीना ने सॉफ्टवेयर द्वारा 22 नवंबर 2018 को की गई सारी ट्रांसफर को इम्प्लीमेंट करने के आदेश जारी कर दिए थे। आदेश जारी किए गए कि अगर सॉफ्टवेयर द्वारा की गई ट्रांसफर के आधार पर पुलिसकर्मी रिलीव नहीं हुए तो उनकी सैलरी तक रोक दी जाए।

अफसरों के चहेते पुलिसकर्मियों का इतना दबाव है कि उन्होंने ट्रांसफर का सॉफ्टवेयर ही हैक कर लिया है। एक पोस्टिंग पर 2 साल पूरे करने वाले जिन पुलिसकर्मियों की सॉफ्टवेयर ने बदली की थी, वे चहेते पुलिसकर्मी वापस अपनी पुरानी पोस्टिंग पर आ गए हैं। क्योंकि अफसरों ने इनके तबादले के आदेश जारी कर दिए। पहले इन चहेते पुलिसकर्मियों की वजह से 1 साल 5 महीने तक सॉफ्टवेयर की ट्रांसफरों को रुकवाया गया। प्रशासक ने भी इस पर नाराजगी जताई कि 22 नवंबर 2018 को बुलाकर जिस ट्रांसफर सॉफ्टवेयर को पुलिस ने उनसे लॉन्च करवाया था, उसे लागू ही नहीं किया गया। उद‌्घाटन के 1 साल 5 महीने बाद 7 मार्च को पुलिस ने सॉफ्टवेयर लागू कर कुल 454 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया। जबकि वीरवार काे पुलिस अफसरों ने कुल 149 पुलिसकर्मियों का दोबारा तबादला कर दिया। इनमें अधिकांश बदलियां वही थी, जिसे साॅफ्टवेयर के अनुसार 2 साल की पोस्टिंग के बाद बदला गया था। यानि अफसरों के चहेते वापस अपनी चाहत वाली पोस्टिंग पर तैनात हो गए।

इससे दोबारा से पुलिस इस्टेबलिशमेंट बोर्ड पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा था कि पुलिस विभाग के अफसरों खासकर पीईबी बोर्ड ने प्रशासक के हाथों ट्रांसपेरेंसी से पोस्टिंग का दिखावा मात्र किया और प्रशासक को भी गुमराह किया जाता रहा है।

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