स्टीरॉयड वाला प्रोटीन खराब कर रहा युवाओं की किडनी
पेशाब में झाग बने तो तुरंत चेक कराएं...डॉ. रंजन ने बताया कि अगर पेशाब में झाग बनना शुरू हो जाए तो तो उस व्यक्ति को अपना प्रोटीन और यूरिया साल में दो से चार चैक करवाते रहना चाहिए। अगर शुरुआती स्टेज में इसके बढ़ने के कारणों का पता चल जाए तो इलाज से किडनी की बीमारी को ठीक किया जा सकता है।
एक जमाना था जब 50 से 60 की उम्र में किडनी फैलियर या किडनी में खराबी की दिक्कत देखने को मिलती थी। लेकिन अब 20 से 25 की उम्र जिम जाने वाले युवा जो कि बॉडी बनाने के चक्कर में ज्यादा मात्रा में स्टीरॉयड युक्त प्रोटीन पाउडर लेने वाले युवा किडनी फैलियर के शिकार हो रहे हैं। अगर एक दिन में दस ट्रांसप्लांट हो रहे हैं तो उसमें एक ट्रांसप्लांट इसका इस्तेमाल से किडनी फेल होने वाले युवा का हो रहा है। यह बात वर्ल्ड किडनी डे के मौके पर डाॅक्टर प्रियदर्शी रंजन ने कही। डॉ. रंजन ने बताया कि ज्यादा पेन किलर का खाने की वजह से भी किडनी की दिक्कत बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पेन किलर का ज्यादा इस्तेमाल की वजह यह है कि आज जरा सा सिर में दर्द होने पर पेन किलर खा लेते हैं। कई बार देखा गया है कि लोग
ज्यादा पेन किलर खा रहे हैं।
इस साल वर्ल्ड किडनी डे की थीम किडनी हेल्थ फार एवरीवन एवरीव्हेयर-फ्रॉम प्रिवेंशन टू डिटेक्शन एंड इक्विटेबल एक्सेस टू केयर रखी गई है यानी हर किसी को किडनी का स्वास्थ्य-रोकथाम एवं इलाज की एक समान उपलब्धता है।