- Hindi News
- National
- Chandigarh News The 1968 Batch Was Declared Brand Ambassador Because Of The Contribution
योगदान की वजह से 1968 बैच को घोषित किया गया था ब्रांड एंबेसडर
मेट्रोलाॅजिकल इंजीनियरिंग पहले बैच के प्रो. सुखदेव प्रभाकर ने किया शेयर
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के 100 साल 5 नवंबर 2021 को पूरे होने जा रहे हैं। 100 सप्ताह तक दैनिक भास्कर में पेक के सफर की कहानी। इसमें हमसफर बने एल्युमनाइज की दास्तां, दिलचस्प किस्से और कहानियां। एल्युमनाइज कैनेडा, ऑस्ट्रेलिया, यूएसए से यहां आते हैं। अपनी यादें ताजा करने के लिए...
_photocaption_1968 बैच के स्टूडेंट्स पनामा में हुई मीट में परिवार के साथ पहुंचे थे। *photocaption*
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (िपकोसा) ने 1968 के बैच को ब्रांड एंबेसडर घोषित किया। ये पहली बार था जब किसी बैच को पिकासो का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया। इन सभी ने वादा तो सिर्फ 25 लाख रुपए का किया था जो बाद में 50 लाख रुपए तक पहुंचा लेकिन बाद में इस बैच ने 61 लाख रुपये दिए। इन रुपयों से आठ स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप दी जा रही है। पहली बार इसी साल से स्कॉलरशिप दी गई है। धीरे-धीरे ये रकम बढ़ती जाएगी। फरवरी 2018 में इस बैच की गोल्डन जुबली थी। उस समय केके वोहरा पिकासो के प्रेसिडेंट थे। इस बैच ने वादा किया कि वह पिकाेसा के लिए 25 लाख रुपए का कॉरपस फंड देंेगे। डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. शुभपाल बेदी व नरेंद्र मोहन शर्मा ने इस फंड को इकट्ठे करने की शुरुआत की। डॉ. आलोक मैसूर में रहते हैं और लंबे समय से सोशल वर्क से जुुड़े हैं। अप्रैल 2018 में ये सभी पनामा में जुटे और फिर एक अन्य देश में। मई में हुई मुलाकात के दौरान पीएस मित्तल, डॉ. अशोक गोस्वामी और श्याम चौधरी आदि ने कोशिश की। कुछ लोगों ने 10-10 हजार डॅालर दिए और डॉ. गुप्ता ने अपने पास से ही 10 लाख रुपए दिए। इस तरह 61 लाख रुपए उन्होंने इकट्ठे किए। फरवरी 2019 में हुई मीट के दौरान इस बैच को पिकासो का ब्रांड घोषित किया गया। वर्ष 2020 की मीट तो कराई ही पेक प्रशासन ने। वोहरा बताते हैं कि बड़े कंट्रीब्यूशन, दुनिया भर में एल्युमनाइज के साथ संबंध और पिकासो की एक्टिविटीज में पार्टिसिपेशन के कारण ये डिसिजन किया गया। इस लेवल का कंट्रीब्यूशन किसी भी अन्य बैच ने नहीं किया गया है। ये पूरा बैच अब भी पिकासो का प्रचार करता है। इसके ज्यादातर मेंबर्स विदेश में हैं और जितने भी मेंबर्स देश में हैं, वे अब भी फंड इकट्ठा करने की कोशिश में जुटे हैं।
100 स्टाेरी