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- Chandigarh News The Story Of The Police Proved To Be False The Youth Was Acquitted In 16 Injections Case
पुलिस की कहानी झूठी हुई साबित 16 इंजेक्शंस के केस में युवक हुआ बरी
{ पुलिस ने कहा- पार्क के पास गिरफ्तार किया था आरोपी को, जबकि घर से किया था अरेस्ट
एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले में जिला अदालत ने मनीमाजरा के रहने वाले कुलदीप सिंह को बरी कर दिया है। कुलदीप के खिलाफ पुलिस ने 17 नवंबर 2018 को केस दर्ज किया था। पुलिस की कहानी थी कि उसके पास से 16 इंजेक्शन बरामद हुए हैं, लेकिन पुलिस के ये आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो सके। कुलदीप के वकील गुरदित्त सिंह सैनी ने बताया कि पुलिस ने एफआईआर में लिखा कि उसे मनीमाजरा में शिवालिक गार्डन के पास से गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसे फंसाने के लिए पुलिस उसे घर से अरेस्ट कर ले गई थी।
एफआईआर के मुताबिक 17 नवंबर 2018 को पुलिस की टीम एरिया में पेट्रोलिंग कर रही थी। पुलिस को शिवालिक गार्डन के पास से एक शख्स पैदल आता दिखा। उसने अपने हाथ में एक सफेद रंग का कैरी बैग पकड़ा हुआ था। लेकिन पुलिस को देख वह घबरा गया और उसने अपना रास्ता बदल लिया। वह पीछे को मुड़कर तेज कदमों से चलने लगा। पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 16 प्रतिबंधित इंजेक्शंस बरामद हुए। लेकिन वह पुलिस को इन इंजेक्शंस के संबंध में कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सका।
वहीं, एडवोकेट गुरदित्त सिंह सैनी ने कहा कि पुलिस ने कुलदीप को फंसाने के लिए झूठा केस बनाया। पुलिस उसे घर से अरेस्ट कर ले गई थी। इसके लिए उन्होंने पड़ोसियों के कोर्ट में बयान करवाए थे जिन्होंने बताया कि पुलिस ने कुलदीप को घर से ही पकड़ा था। वहीं, पुलिस के गवाहों के बयान भी आपस में नहीं मिल रहे थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कुलदीप को बरी कर दिया।