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लेक को पानी से हम भर देंगे लेकिन लोगों को तो न उजाड़ो: मलूका
सुखना कैचमेंट एरिया में हुए निर्माण को लेकर आए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में रविवार को कांसल एरिया में लोग एकत्रित हुए। कांसल के अलावा खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, सकेतड़ी और चंडीगढ़ से भी लोग यहां पहुंचे। यहां पर जितने भी वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया, सभी ने यही कहा कि कोई भी घर टूटने नहीं देंगे, इसके लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी और विरोध प्रदर्शन भी होगा। हजारों लोग फैसले से प्रभावित होंगे इसलिए सभी को एकजुट किया जाएगा। शिरोमणी अकाली दल के नेता सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि वे कोर्ट का सत्कार करते हैं लेकिन इस तरह के लोगों के खिलाफ फैसले सही नहीं है। रैली में पंजाब के सभी राजनीतिक दलों से लीडर्स यहां पहुंचे थे। वकीलों ने कहा कि वे इस मामले को कोर्ट में उठाएंगे। म्यूनिसिपल काउंसलर तरणजीत कौर ने कहा कि इस एरिया को रेजिडेंशियल जोन डिक्लेयर किया गया और मास्टर प्लान बना तभी तो लोग यहां पर रहने के लिए आए। मकानों को उजाड़ना सही नहीं है, घर बहुत मुश्किल से बनता है। मलूका ने कहा कि ये मामला राजनीति से ऊपर का है और इसमें सभी को साथ आना होगा।
}रैली में ये रहे मौजूद...
पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर पंजाब जगमोहन सिंह कंग, सीनियर अकाली नेता अर्जुन सिंह, एमएलए कंवर संधू, सिमरणजीत सिंह चंदूमाजरा, अकाली दल खरड़ के हल्का इंचार्ज रणजीत सिंह गिल, नवदीप बराड, एडवोकेट पवन शर्मा, प्रेसिडेंट बार काउंसिल डीपीएस रंधावा आदि शामिल रहे। एमएलए कंवर संधू ने यहां कि करीब 10 हजार लोग फैसले से प्रभावित होंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर यहां घर टूटे तो इसका मलबा सुखना लेक में पहुंचा देंगे। आईआईटी रुड़की की स्टडी रिपोर्ट भी कहती है कि कांसल एरिया से कोई स्लोप या पानी लेक तक जाने के लिए रास्ता है तो फिर कैसे ये कैचमेंट एरिया बनता है।
}चंडीगढ़ तो पीछे हटेगा ही, क्योंकि सारी गलती अफसरों की निकलेगी... चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट न जाने के फैसले पर कहा गया कि प्रशासन तो पीछे हटेगा ही क्योंकि अगर दोबारा से केस खुलता है तो सारी गलती अफसरों की निकलेगी।