एफिलेटेड यूनियनों की वर्किंग कमेटी ने दिया धरना
पुराने वर्करों को नौकरी में रखने के दिए थे आदेश...यूनियन प्रधान मिश्रा ने बताया कि रुपिंदर जीत सिंह बरार द्वारा प्रिंसिपल को यह मामला सुलझाने के बारे में बोला गया था और उन सभी पुराने वर्करों को नौकरी पर रखने के आदेश दिए थे, लेकिन प्रिंसिपल उनको नौकरी पर रखने की बजाय रोज बेइज्जत करके कॉलेज से निकाल देती है और धमकी देती हैं कि मेरे होते हुए तुम लोग यहां नौकरी करके दिखाओ रंजीत मिश्रा ने बताया अगर कॉलेज मैनेजमेंट और एजुकेशन डिपार्टमेंट इस मामले को जल्द नहीं सुलझाते तो आने वाले टाइम में कॉलेज में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अगर इस आंदोलन से कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब होती है तो उसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी कॉलेज मैनेजमेंट की होगी।
सेक्टर-42 पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज के गेट पर ग्रुप डी एजुकेशन यूनियन और चंडीगढ़ सबोर्डिनेट सर्विस फेडरेशन (इंटक) से एफिलेटेड यूनियनों की वर्किंग कमेटी द्वारा 1 घंटे का धरना लगाया गया इस धरने में सैकड़ों की तादाद में अलग अलग यूनियनों से सैकड़ों वर्कर शामिल हुए क्योंकि कॉलेज मैनेजमेंट और ग्रेसियन ठेकेदार द्वारा पिछले 10/15 सालों से लगे 15 सफाई कर्मचारी लेडीस को नौकरी से निकाल दिया था ठेकेदार द्वारा उन लेडीस से 20/20 हजार रुपए की मांग की गई थी जिसको वह पूरा नहीं कर सके इस कारण उनको नौकरी से निकाल दिया था इसमें प्रिंसिपल बीनू डोगरा और केयर टेकर विकास मलिक उस ठेकेदार के साथ हैं क्योंकि डायरेक्टर हायर एजुकेशन रुपिंदर जीत सिंह बराड़ द्वारा उन पुराने वर्करों को ना हटाने के आदेश की पालना भी प्रिंसिपल और
मैनेजमेंट ने नहीं की वह लेडीस पिछले 1 महीने से कॉलेज में आकर काम कर रहे हैं लेकिन उनकी जगह नए रखें वर्करों की हाजिरी लगाई जा रही है जिसका आज यूनियन ने पुरजोर विरोध किया।