पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करें
लुधियाना. लुधियाना नगर निगम टीम गुरुवार को जब टीम बिना तैयारी कब्जे हटाने गई तो लोगों ने उनपर हमला बोल दिया। हमले के बाद टीम के मेंबरों ने जहां भाग कर जान बचाई, वहीं टीम में शामिल एक मात्र महिला सोशल वेलफेयर अफसर ने अकेले पड़ने पर एक फ्लैट में छिपकर अपना बचाव किया। उन्होंने मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
बिजली के ट्रांसफार्मर पर चढ़ा युवक दे रहा था सुसाइड करने की धमकियां
निगम की टीम बिना तैयारी के जगराओं पुल के नीचे रहने वाले 106 परिवारों को ग्यासपुरा में बने सरकारी फ्लैटों में शिफ्ट करने और वहां 241 फ्लैटों पर कब्जा कर बैठे लोगों को वहां से निकालने के लिए गई थी।
टीम में एक एक्सईएन, एक लेडी अफसर और मात्र निगम में तैनात 12 पुलिस मुलाजिम थेटीम ने ए ब्लॉक खाली करवा लिया। बी ब्लॉक में अभी कुछ फ्लैट खाली हुए थे कि सन्नी नामक युवक तीसरी मंजिल की खिड़की से बाहर निकल कर बिजली के ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया और सुसाइड करने की धमकियां देने लगा।
युवक के करंट से हाथ-पैर झुलसने के बाद भड़के लोग
निगम अफसर, पुलिस मुलाजिम और नीचे खड़े लोग उसे रोकते रहे। किसी तरह सन्नी को मनाया गया, वह जैसे ही ट्रांसफार्मर से उतरने लगा तो अचानक हाईटेंशन वायर से उसे करंट लग गया। जिससे उसकी बाजू और टांग जल गई और वह जमीन पर जा गिरा। इसके बाद भड़के कब्जाधारकों ने निगम टीम पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
एक्सईएन को बचाने आए एएसआई को भी लोगों ने पीटा, कार तोड़ दी, इलाका छावनी में बदला
- लोगों ने जोन सी में तैनात एक्सईएन कर्मजीत सिंह को जमकर पीटा और उन्हें बचाने आए निगम के एएसआई से भी मारपीट की। वहां खड़ी निगम अफसर की कार भी तोड़ दी। निगम अफसरों और मुलाजिमों ने किसी तरह वहां से भाग कर जान बचाई।
- मामले का पता चलते ही कई थानों की पुलिस और बड़े अफसर मौके पर पहुंच गये और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया। सन्नी को डीएमसी हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया है, जहां देर शाम तक उसकी हालत स्थिर बताई जा रही थी।
- डाबा थाना की पुलिस ने एक्सईएन करमजीत सिंह के बयान पर अज्ञात लोगों पर इरादा ए कत्ल, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का पर्चा दर्ज कर लिया है।
पहले भी हुई थी ऐसी घटना, फिर भी बिना तैयारी के पहुंची टीम
- ग्यासपुरा में सरकारी फ्लैटों पर कब्जा करने वाले पहले भी नगर निगम अफसरों पर हमला और तोड़फोड़ कर चुके हैं। लेकिन इससे भी नगर निगम के अफसरों ने कोई सबक नहीं लिया। इस बार भी फ्लैट खाली करने के नोटिस देने के समय कब्जाधारियों ने सीधे तौर पर उनके पास आने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। लेकिन सुरक्षा का इंतजाम करने की जगह सोशल वेलफयर अफसर और एक्सईएन सिर्फ एक दर्जन निगम के पुलिस मुलाजिम लेकर कब्जे छुड़ाने पहुंच गए।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.