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डाउनलोड करेंहेल्थ डेस्क। केरला के कोझिकोड जिले में 11 अब अब तक निपाह वायरस से अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं राज्य में कुल अब तक 16 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है। यूनियन हेल्थ मिनिस्टर ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की टीम को कोझिकोड भेज दिया है। टीम को इस बीमारी को कंट्रोल और इन्वेस्टिगेट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हम बता रहे हैं इस खतरनाक बीमारी के संकेत, जिन्हें जानकर आप अपनी या किसी अपने की जान बचा सकते हैं।
#क्या है निपाह वायरस
WHO के मुताबिक 1998 में मलेशिया में पहली बार निपाह वायरस का पता लगाया गया था। मलेशिया के सुंगई निपाह गांव के लोग सबसे पहले इस वायरस से संक्रमित हुए थे। इस गांव के नाम पर ही इसका नाम निपाह पड़ा। उस दौरान ऐसे किसान इससे संक्रमित हुए थे जो सुअर पालन करते थे। मलेशिया मामले की रिपोर्ट के मुताबिक पालतू जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली, बकरी, घोड़े से भी इंफेक्शन फैलने के मामले सामने आए थे।
#क्या हैं इस खतरनाक बीमारी के संकेत...
- इंफेक्शन के शुरुआती दौर में सांस लेने में दिक्कत होती है। मरीजों में न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी होने लगती हैं। जैसे दिमाग में जलन महसूस होती है।
- इसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है।
- बुखार आना, सिरदर्द होना, आलस आना, भूल जाना भी इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
- उल्टी और चक्कर आना भी इस इंफेक्शन के लक्षण हैं। बेहोशी, उबकाई, पेट में दर्द भी इसके लक्षणों में शामिल हैं।
- ऐसा लगातार हो रहा है तो तुरंत फिजिशियन से संपर्क करें। अपने मन से दवाएं न खाएं।
- डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ मामलों में 24 से 48 घंटे के अंदर लक्षण बढ़ने पर मरीज कोमा में चला जाता है।
#कैसे फैलता है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह वायरस चमगादड़ से फैलता है। इन्हें फ्रूट बैट कहते हैं। जब ये चमगादड़ किसी फल को खा लेते हैं और उसी फल या सब्जी को कोई इंसान या जानवर खाता है तो संक्रमित हो जाता है।निपाह वायरस इंसानों के अलावा जानवरों को भी प्रभावित करता है। इसकी शुरुआत तेज सिरदर्द और फीवर से होती है। इससे इंफेक्टेड पर्सन का डेथ रेट 74.5 फीसदी होता है।
कैसे चमगादड़ों से इंसानों में फैलती है ये बीमारी, देखिए अगली स्लाइड में...
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