--Advertisement--

24 जून को पीपल के नीचे लगाएं दीपक, करें 11 परिक्रमा और बोलें 1 मंत्र, बढ़ सकती है उम्र और दूर हो सकती है पैसों की तंगी

निर्जला एकादशी का महत्व सभी एकादशियों से बढ़कर है। इस दिन पीपल पर दीपक लगाने से आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है।

Danik Bhaskar | Jun 22, 2018, 06:22 PM IST

रिलिजन डेस्क। कल (24 जून, रविवार) निर्जला एकादशी है। इस व्रत में भोजन करना और पानी पीना वर्जित है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, इस एकादशी पर व्रत करने से वर्ष भर की एकादशियों का पुण्य मिलता है। इसलिए इस एकादशी महत्व भी बहुत अधिक है। इस विधि से करें निर्जला एकादशी का व्रत...


इस विधि से करें निर्जला एकादशी का व्रत
- निर्जला एकादशी की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सबसे पहले शेषशायी भगवान विष्णु की पूजा करें।
- इसके बाद मन को शांत रखते हुए ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
- शाम को दोबारा भगवान विष्णु की पूजा करें और रात में भजन कीर्तन करते हुए धरती पर आराम करें (बिस्तर का उपयोग न करें।
- दूसरे दिन (25 जून, सोमवार) किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं और अनाज, कपड़े, आसन, जूते, छतरी, पंखा तथा फलों का दान करें।
- इसके बाद ही स्वयं भोजन करें। इस एकादशी का व्रत करने से अन्य तेईस एकादशियों पर अन्न खाने का दोष छूट जाता है-

एवं य: कुरुते पूर्णा द्वादशीं पापनासिनीम् ।
सर्वपापविनिर्मुक्त: पदं गच्छन्त्यनामयम्
- इस तरह जो इस पवित्र एकादशी का व्रत करता है, वह समस्त पापों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है।


इस दिन करें ये उपाय
ग्रंथों में पीपल को भगवान विष्णु का स्वरूप माना गया है। निर्जला एकादशी की शाम पीपल के नीचे गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं और 11 परिक्रमा करें और 1 मंत्र बोलें। इस उपाय से आपको आयु, पैसा, धन-संपदा आदि सब कुछ मिल सकता है-
आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदाम्।

देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।।


अर्थ- हे महावृक्ष। मैं तुम्हारी शरण में आया हूं। मुझे आयु, धन और सौभाग्य आदि प्रदान करें।

Related Stories