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डाउनलोड करेंएजुकेशन रिपोर्टर | भोपाल
नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में बीए-एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री फर्जी तरीके से देने के मामले में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल ने मंगलवार से एक नई जांच शुरू कर दी है। वे मंगलवार काे विश्वविद्यालय पहुंचे और प्रशासन को इस फर्जीवाड़े से जुड़े हर स्टूडेंट्स की एक विशेष फाइल बनाने को कहा है। इसके बाद इन सभी स्टूडेंट्स को नोटिस जारी कर तलब किया जाएगा। जस्टिस गोहिल इन सभी स्टूडेंट्स से सीधे सवाल करेंगे।
बीए-एलएलबी (ऑनर्स) की परीक्षा में फेल होने के बाद भी स्टूडेंट्स को डिग्री अवार्ड की जाती रहीं। इस मामले में जस्टिस गोहिल अपनी पहली जांच में परीक्षा शाखा से बर्खास्त किए गए असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह को दोषी ठहरा चुके हैं। अब नई जांच में इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की लिप्तता है या नहीं, इसकी खोजबीन की जाएगी। इस बात को लेकर विवि के अधिकारियों के साथ जस्टिस गोहिल की लंबी चर्चा हुई। 5 मई को मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता में हुई जनरल काउंसिल की बैठक में जस्टिस गोहिल को जांच अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय हुआ था। खास बात यह है कि इस बार उनकी जांच का दायरा बढ़ाया गया है। जस्टिस गोहिल का कहना है कि इस प्रकरण से यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा खराब हुई है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य इसे इसकी प्रतिष्ठा वापस दिलाना है।
26 नाम आ चुके हैं सामने : अब तक परीक्षाओं में फेल होने के बाद भी 26 स्टूडेंट्स को डिग्री मिलने की बात उजागर हो चुकी है। इसमें 12 न्यायिक सेवा से जुड़े हैं। अभी और नाम आने की संभावना है। इस मामले में रजिस्ट्रार गिरिबाला सिंह द्वारा भी जांच की जा रही है।
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