--Advertisement--

एयर इंडिया की 76% हिस्सेदारी के लिए नहीं मिला खरीदार, 51 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है एयरलाइंस

14 मई से बढ़ाकर 31 मई की गई थी डेडलाइन

Dainik Bhaskar

Jun 01, 2018, 12:44 PM IST
एयर इंडिया में सरकार सिर्फ 24% हिस्सेदारी रखना चाहती है।- फाइल एयर इंडिया में सरकार सिर्फ 24% हिस्सेदारी रखना चाहती है।- फाइल

नई दिल्ली. कर्ज में डूबी एयर इंडिया को खरीदने के लिए कोई आगे नहीं आया। सरकार ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के लिए डेडलाइन बढ़ाकर 31 मई की थी, लेकिन फिर भी किसी ने रुचि नहीं दिखाई। एयरलाइंस में रणनीतिक विनिवेश के तहत 76% हिस्सा बेचने के लिए बोली क्यों विफल रही, इस बारे में नियुक्त किए सौदा सलाहकार से सवाल-जवाब किए जाएंगे।

2 हफ्ते में फैसला हो सकता है
नागरिक उड्डयन सचिव राजीव नयन चौबे के मुताबिक आगे अब क्या प्रक्रिया रहेगी, इस पर मंत्री समूह अंतिम फैसला करेगा। दो हफ्ते में मामला मंत्री समूह तक पहुंच सकता है। मंत्री समूह दोबारा विनिवेश प्रक्रिया शुरू करने का फैसला करता है तो शर्तों के साथ विनिवेश रणनीति में बदलाव का विकल्प भी खुला है।

चालू वित्त वर्ष में 80,000 करोड़ रुपए का विनिवेश लक्ष्य
वित्त वर्ष 2018-19 में सरकार ने 80,000 करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्य तय किया है। एयर इंडिया को खरीदार नहीं मिलने से इसे झटका लगा है।

51,000 करोड़ के घाटे में है एयर इंडिया
एयर इंडिया का घाटा लगातार 8 साल तक बढ़ता रहा और 51,000 करोड़ रुपए पहुंच गया। हालांकि 2015-16 में एयरलाइंस ने 105 करोड़ के मुनाफे की जानकारी दी लेकिन कैग ने जनवरी 2017 की रिपोर्ट में इसे 321 करोड़ का घाटा माना।

चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 80,000 करोड़ का विनिवेश लक्ष्य रखा है।- फाइल चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 80,000 करोड़ का विनिवेश लक्ष्य रखा है।- फाइल
X
एयर इंडिया में सरकार सिर्फ 24% हिस्सेदारी रखना चाहती है।- फाइलएयर इंडिया में सरकार सिर्फ 24% हिस्सेदारी रखना चाहती है।- फाइल
चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 80,000 करोड़ का विनिवेश लक्ष्य रखा है।- फाइलचालू वित्त वर्ष में सरकार ने 80,000 करोड़ का विनिवेश लक्ष्य रखा है।- फाइल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..