आतंकवाद के पीड़िताें से ज्यादा किसी के मानवाधिकाराें का हनन नहीं हुआ: शाह

News - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश में आतंकवाद और नक्सलवाद के पीड़िताें से ज्यादा किसी के...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:21 AM IST
New Delhi News - no more human rights abuses than victims of terrorism shah
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश में आतंकवाद और नक्सलवाद के पीड़िताें से ज्यादा किसी के मानवाधिकाराें का उल्लंघन नहीं हुआ। हजारों लोग आतंकवाद और नक्सलवाद की भेंट चढ़ गए। अकेले कश्मीर में ही 1990 के बाद से 40 हजार से ज्यादा लोग आतंकवाद के कारण मारे गए। यह बात उन्होंने शनिवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस पर कही।

शाह ने कहा कि हिरासत में मौत और पुलिस के अत्याचार मानवाधिकाराें का हनन है। यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए। लेकिन देश में हजारों लोग आतंकवाद के कारण मारे गए। क्या उनके परिवार वालों का कोई मानवाधिकार नहीं है। नक्सलवाद के कारण देश के कई जिले विकास से महरूम हैं। कई लोगों की जान गई। क्या इन लाेगाें के मानवाधिकाराें का हनन नहीं हुअा। मानवाधिकार आयोग को इन चीजों काे अलग ढंग से देखना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि लोगों के मानवाधिकाराें की रक्षा के लिए मोदी सरकार बहुत काम कर रही है। क्या लोगों के पास घर, बिजली नहीं होना उनके मानवाधिकार का हनन नहीं है। लोग परिजनाें का इलाज नहीं करा पाते, क्या यह मानवाधिकार का हनन नहीं है। सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से देश के 70 करोड़ लोगों के मानवाधिकाराें की रक्षा की है। गृह मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रही है। उनके गीत वैष्णव जन... काे समझने भर से मानवाधिकार का पूरा चार्टर तैयार हो सकता है।

मानवाधिकाराें की रक्षा के लिए मोदी सरकार बहुत काम कर रही है

इधर, विश्व हिंदू परिषद के महायज्ञ कार्यक्रम में पहुंचे शाह

मंदिर दर्शन: गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को संघ नेता भैय्याजी जोशी के साथ बिड़ला मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के महायज्ञ कार्यक्रम में पहुंचे।

केंद्रीय सूचना अायाेग के सम्मेलन में भी गृह मंत्री ने की शिरकत, बोले- आरटीआई ने बड़ी खाई पाटी

नई दिल्ली|केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार एेसी व्यवस्था बनाना चाहती है कि लाेगाें काे सूचनाएं पाने के लिए आरटीआई लगाने की जरूरत ही न पड़े। इसलिए ज्यादा से ज्यादा जानकारियां सार्वजनिक डाेमेन में रखी जा रही हैं। 14वें अारटीअाई दिवस पर केंद्रीय सूचना अायाेग के सम्मेलन में शाह ने कहा कि आजादी से पहले प्रशासन का उद्देश्य अपने आकाओं की इच्छा पूरी करना था। इससे जनता और प्रशासन के बीच बड़ी खाई बन गई थी। पर आरटीआई ने यह खाई पाटने का काम किया है। उन्हाेंने कहा कि आरटीआई एक्ट अन्याय रहित सुशासन देने की दिशा में अच्छा प्रयास है। भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था देने और अधिकारों का अतिक्रमण नियंत्रित करने में भी आरटीआई ने भूमिका निभाई है।

X
New Delhi News - no more human rights abuses than victims of terrorism shah
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना