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डाउनलोड करेंनोएडा. नोएडा पुलिस में हर काम का पैसा फिक्स है। होटल चलाना हो या फिर कोई और धंधा करना हो। यहां सिपाही से लेकर, इंस्पेक्टर आैर एसपी का भी पैसा फिक्स। उगाही और खर्च दोनों का पूरा हिसाब भी लिखित में बनाया जाता है। जी हां, गुरुवार को ट्विटर पर वायरल हुए कुछ स्क्रीनशॉट्स ने नोएडा पुलिस की क्राइम ब्रांच की 16 सदस्यीय स्वात टीम की ठेकेदारी की पोल खोल दी। दरअसल, दो सिपाहियों में उगाही के पैसों के हिसाब-किताब पर झगड़ा हो गया। इसमें उगाही 3.41लाख रुपए की थी, जबकि होली समेत कुछ आयोजनों को मिलाकर 4 लाख से ज्यादा खर्च हुए।
हिसाब-किताब में इसी गड़बड़ी पर दोनों में जमकर लात-घूंसे चले। इसके बाद किसी ने नितिन नाम का फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर ठेकेदारी की पूरी रेट लिस्ट ही डीजीपी को ट्वीट कर दी। रेट लिस्ट वायरल होते ही एसएसपी डॉ. अजयपाल ने पूरी स्वात टीम को ही भंग कर दिया। वहीं टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव कुमार, झगड़ने वाले दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर पूरी टीम को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
होटल, सीमेंट फैक्टरी सबसे वसूली, होली पर हुए खर्च तक का हिसाब
रेट लिस्ट के स्क्रीनशॉट पर क्राइमब्रांच के सिपाही संजीव तेवतिया का नाम है। रेट लिस्ट में एसपीआरए (एसपी रूरल) मैडम को 25 हजार रुपए देने का जिक्र है। एसपी रूरल सुनिति ने कहा- क्राइम ब्रांच की कोई भी टीम मुझे रिपोर्ट नहीं करती है। इसलिए लिस्ट से मैं भी अचंभित हूं। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार ऐसी बात भी सामने आई कि टाइपिंग की गड़बड़ी से एसपीआरए मैडम लिख गया और उस जगह एसपी क्राइम मैडम होना चाहिए थे। इस समय एसपी क्राइम प्रीति बाला हैं। प्रीति बाला के अनुसार उन्हें क्राइम ब्रांच लेकिन स्वात टीम रिपोर्ट नहीं करती।
भास्कर ने पूछा तो होटल मालिक बोला-हर माह 5 हजार देता हूं
संजीव तेवतिया के वॉट्सएप से भेजे गए उगाही के रेट लिस्ट में दादरी के एक होटल मालिक वीरेंद्र प्रधान से महीने में 5 हजार रुपए लेने का जिक्र है। इस लिस्ट में होटल संचालक का मोबाइल नंबर भी दर्ज है। इस नंबर पर जब फोन किया तो उसे वीरेंद्र प्रधान ने ही उठाया। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच का राणा नाम का सिपाही हर महीने 5 हजार रुपए ले जाता था।
1 लाख के इनामी बदमाश के एनकाउंटर में लेन-देन का जिक्र
नोएडा पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्वात टीम ने ही 25 मार्च को 1 लाख के इनामी बदमाश श्रवण की घेराबंदी कर एनकाउंटर में उसे मार गिराया था। पुलिस के लीक हुए रेट लिस्ट में यह भी लिखा है कि जिसने श्रवण वाला काम कराया उसे 50 हजार रुपए दिए और अभी भी उसे 50 हजार देना बाकी है। इसके अलावा रेट लिस्ट में 40 हजार रुपए में 9एमएम की पिस्टल लाने का भी जिक्र है। इसे खर्च के रूप में दिखाया गया है।
क्राइम ब्रांच की सबसे खास टीम स्वात पर उठे सवाल
नोएडा क्राइम ब्रांच में कुल 3 टीमें हैं। इनमें एक इन्वेस्टिगेेशन, दूसरी सर्विलांस और तीसरी स्वात टीम है। फील्ड में काम करने वाली स्वाट टीम है। इस टीम में 16 कर्मचारी थे। स्वाट टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव कुमार और सब-इंस्पेक्टर व अन्य सिपाही हैं। इनकी एक सब-यूनिट ग्रेटर नोएडा में भी काम करती है। एसएसपी के इस मामले की जांच एसपी सिटी काे साैंपी है।
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