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डाउनलोड करेंगांधीनगर. गुजरात सरकार ने पहली बार संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले 1000 अधिकारियों का वेतन रोक दिया है। इनमें सबसे अधिक अधिकारी राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के हैं। ये अधिकारी क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के हैं।
- राज्य शासन सेवा नियमों के अनुसार हर साल मुलाजिमों के लिए प्रॉपर्टी का विवरण देना अनिवार्य है। इस साल ऐसा करने की अवधि मार्च 2018 रखी गई थी। लेकिन अधिकारियों ने विवरण नहीं दिया। सरकार ने अप्रैल-2018 का वेतन रोक दिया है। गुजरात सरकार ने इस साल इस मामले में सख्ती दिखाते हुए पहली बार ऐसा कदम उठाया है।
- गुजरात सरकार के मुख्य सचिव जेएन सिंह ने बताया कि एक हजार अधिकारियों का वेतन रोका गया है। अगर ये अधिकारी अप्रैल में चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा सौंप देते हैं तो मई के वेतन के साथ रोका गया वेतन दे दिया जाएगा।
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