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इनफर्टिलिटी के लिए केवल पत्नी ही दोषी नहीं, पुरुष भी करवाएं जांच

इंडियन फर्टिलिटी सोसायटी के अनुसार पुरुषों में 40 साल पहले की तुलना में स्पर्म काउंट 50% तक घट गया है।

Danik Bhaskar | Aug 14, 2018, 12:23 PM IST

हेल्थ डेस्क. हमारी सोसाइटी में अब भी बांझपन या इनफर्टिलिटी के लिए अक्सर महिला को ही दोष दिया जाता है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि इसके लिए केवल पत्नी ही जिम्मेदार हो। इन दिनों मेल इनफर्टिलिटी काफी कॉमन है। हालांकि मेल इनफर्टिलिटी कोई शर्म की बात नहीं है। यह केवल बीमारी है जिसे दूर किया जा सकता है। यहां तक कि मेल इनफर्टिलिटी के बावजूद दंपती आईवीएफ के जरिए माता-पिता भी बन सकते हैं। डॉ. जस्मीन कौर, गायनेकोलॉजिस्ट एंड फर्टिलिटी कंसलटेंट से जानते हैं इसे कैसे दूर कर सकते हैं।

क्या है मेल इनफर्टिलिटी?

पुरुषों की फर्टिलिटी मुख्य तौर पर उनके स्पर्म की संख्या और उनकी क्वालिटी पर निर्भर करती है। अगर किसी पुरुष में स्पर्म का काउंट कम है या उसके स्पर्म में मोटिलिटी (गतिशीलता) नहीं है तो फिर उसके पिता बनने में दिक्कतें आती हैं। इसे ही मेल इनफर्टिलिटी कहते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की गाइडलाइन्स के अनुसार प्रत्येक मिलीलीटर सीमेन में न्यूनतम 15 मिलियन स्पर्म काउंट को नॉर्मल माना जाता है।

कितनी कॉमन है पुरुषों में इनफर्टिलिटी की प्रॉब्लम?

इंडियन फर्टिलिटी सोसायटी के अनुसार पुरुषों में 40 साल पहले की तुलना में स्पर्म काउंट 50% तक घट गया है। इस वजह से पुरुषों में बांझपन की समस्या बढ़ती जा रही है। मायो क्लीनिक की एक स्टडी तो कहती है कि इस दिनों हर 20 वयस्क पुरुषों में एक पुरुष इनफर्टिलिटी की प्रॉब्लम का सामना कर रहा है। इसके अलावा हर 5 में से एक कपल अगर बेबी प्लान नहीं कर पा रहा है तो इसके लिए केवल मेल की इनफर्टिलिटी जिम्मेदार है। हालांकि हर तरह की मेल इनफर्टिलिटी का इलाज अवेलेबल है।

मेल इनफर्टिलिटी की वजह

हॉर्मोन इनबैलेंस और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पुरुषों में इनफर्टिलिटी की मुख्य वजह है। इसके अलावा स्पर्म को ट्रांसपोर्ट करने वाली टयूब के ब्लॉक होने की वजह से भी इनफर्टिलिटी बढ़ती है। इनके अलावा कई लाइफस्टाइल रिलेटेड वजहें भी हैं जो स्पर्म काउंट को कम करती हैं जैसे बहुत ज्यादा स्मोकिंग करना, स्ट्रेस लेना, मोटापा, पर्याप्त नींद नहीं लेना आदि।

क्या है मेल इनफर्टिलिटी का इलाज?

हॉर्मोन इनबैलेंस और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को मेडिकेशन के जरिए दूर किया जा सकता है। स्पर्म को ट्रांसपोर्ट करने वाली टयूब के ब्लॉक होने की वजह से जो इनफर्टिलिटी बढ़ती है, इसका इलाज सर्जरी से किया जा सकता है।

मेल इनफर्टिलिटी में भी बेस्ट ऑप्शन है IVF

अगर उक्त तरीकों से मेल इनफर्टिलिटी का उपचार नहीं हो पाता है, तो दंपती आईवीएफ यानी इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (In Vitro Fertilization) के जरिए पैरेंटस बन सकते हैं। इनफर्टिलिटी में यह सबसे प्रभावी ट्रीटमेंट है। यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एग और स्पर्म को शरीर के बाहर यानी लैब में फर्टिलाइज किया जाता है। यह उन कपल्स के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपचार है जो अपनी इनफर्टिलिटी प्रॉब्लम की वजह से माता-पिता नहीं बन सकते।यह केवल फीमेल इनफर्टिलिटी ही नहीं, मेल इनफर्टिलिटी में भी काफी कारगर है। चूंकि इसमें बॉडी के बाहर फर्टीलाइज किया जाता है। ऐसे में स्पर्म काउंट कम होने या उनमें मोटिलिटी कम होने पर भी बेस्ट स्पर्म को सिलेक्ट कर उसका यूज किया जा सकता है। मेल इनफर्टिलिटी में ICSI (Intracytoplasmic Sperm Injection) सबसे कॉमन और प्रभावी ट्रीटमेंट है जिसमें सिंगल स्पर्म को मैच्योर एग में सीधे ही इन्जेक्ट किया जाता है। एडवांस्ड ART टेक्नीक्स जैसे मैग्नेटिक एक्टीवेटेड सेल सार्टिंग (MACS) से ICSI के लिए बेस्ट स्पर्म को चुनने में मदद मिलती है।