जिनके रक्षक भगवान, उनका कुछ नहीं बिगड़ता: शास्त्री
सेक्टर-2 श्रीराम मंदिर में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तीसरे दिन कथा व्यास गौ भागवतशरण रविनंदन शास्त्री वृंदावन वाले ने श्रद्धालुओं को प्रहलाद चरित्र के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि भक्त प्रहलाद को अपने पिता हिरण्यकश्यप ने केवल अपना ही नाम लेने को कहा और भगवान के नाम का विरोध किया, परंतु प्रहलाद ने भगवान का नाम नहीं छोड़ा। इससे क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को मारने के अनेक प्रय| किए। उसे पहाड़ों से गिराया। सांपों से डसवाया। हाथी से कुचलवाया और अंत में होलिका के संग जलाया, परन्तु जिसका भगवान रक्षक होता है उसका कोई कुछ भी बिगाड़ा नहीं सकता। आयोजक परशुराम पंडित ने बताया कि वर्तमान में नशा एक अभिशाप बन रहा है। विशेष कर युवा पीढ़ी में नशे की बढ़ती हुई लत चिंता का विषय हैं। इसलिए युवाओं को धर्म से जोडऩे के लिये भी यह एक प्रयास है। भागवत कथा में श्रद्धालुओं की श्रद्धा देखते ही बन रही थी। काफी संख्या में महिला एवं पुरुषों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य पंडित चंडी प्रसाद, न्यू नव ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी परशुराम पंडित, श्री राम मंदिर सेक्टर 2 के प्रधान पवन मित्तल, यशपाल गोयल, वृज, ताराचंद, अनुदीप, राकेश संगर, राजन गुप्ता व अन्य सदस्य भी मौजूद थे।