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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी करने पर 12 पुलिस अफसरों को नोटिस

3 वर्ष पहले
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ग्वालियर.    सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी करना पुलिस अधिकारियों को भारी पड़ता दिख रहा है। मप्र उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने राजवीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए 12 पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी बताने को कहा है कि उनके खिलाफ विभागीय व आईपीसी के प्रावधानों के अंतर्गत जरूरी कदम क्यों न उठाए जाएं। इसके साथ ही कोर्ट ने मप्र शासन को पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी के शपथ पत्र पर पृथक से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण की अगली सुनवाई 3 मई को नियत की गई है।

 

पुलिस विभाग में कार्यरत राजवीर सिंह ने याचिका प्रस्तुत करते हुए उनके खिलाफ करैरा पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग की। इस पर कोर्ट ने पूर्व में इसी से जुड़े हुए मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में की गई कार्यवाही की जानकारी मांगी। करैरा थाना प्रभारी प्रदीप वाल्टर ने बताया कि पूर्व में मप्र हाईकोर्ट के 27 फरवरी 2013 के आदेश के परिपालन में जांच अधिकारी ने 24 दिसंबर 2013 को खात्मा रिपोर्ट तैयार की थी। लेकिन न तो उसे पुलिस अधीक्षक को भेजा और न ही कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। हालांकि खात्मा रिपोर्ट में ये भी लिखा कि चूंकि इस मामले के एक सह-आरोपी राघवेंद्र शुक्ला के पक्ष में कोर्ट ने आदेश नहीं दिया है, इसके चलते जांच को लंबित रखा गया। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि जरायम रजिस्टर में इस मामले का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिसके चलते मामले की जानकारी उनको नहीं लगी।

 

क्या है मामला: हुकुम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि तत्कालीन एएसआई राजवीर सिंह व सिपाही राघवेंद्र शुक्ला ने उन पर गोली चलाई। आईजी ग्वालियर ने जांच के आदेश दिए, जिस पर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बचाव पक्ष का कहना था कि हाकिम सिंह डकैतों से मिला हुआ था। उन्हें सूचना मिली कि डकैत पास के क्षेत्र में छुपे हुए हैं, जब वे उन्हें पकड़ने गए तो डकैतों ने उन पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उन्होंने भी गोली चलाई। हालांकि आरोपी पुलिस कर्मियों ने ये भी कहा कि हाकिम सिंह को डकैतों की गोली लगी थी। 

 

इन्हें जारी हुए हैं नोटिस 
पीएस तोमर (टीआई), कैलाश बाबू आर्य (टीआई), पीपी मुदगल (टीआई), हुकुम सिंह यादव (सब-इंस्पेक्टर), आरएस भदौरिया (सब-इंस्पेक्टर), ओपी आर्य (टीआई), संजीव तिवारी (टीआई), प्रदीप वाल्टर (टीआई), नवल सिंह (सब-इंस्पेक्टर), भगवान लाल (सब-इंस्पेक्टर), राघवेंद्र यादव (सब-इंस्पेक्टर), जूली तोमर (सब-इंस्पेक्टर)। यह सभी पुलिस अधिकारी अप्रैल 2016 से लेकर अब तक करैरा थाने में पदस्थ रहे हैं।

 

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