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एनएलआईयू फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व फैकल्टी इंचार्ज (एग्जामिनेशन) को नोटिस

3 वर्ष पहले
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भोपाल.   नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) में फेल स्टूडेंट्स को बीए-एलएलबी (ऑनर्स) की फर्जी डिग्री देने के मामले पूर्व फैकल्टी इंचार्ज एग्जामिनेशन डॉ.यूपी सिंह को नोटिस जारी किया गया है। इस मामले की जांच कर रहे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल ने पूछा है कि दस सालों तक यहां फर्जीवाड़ा चलता रहा और इस महत्वपूर्ण पद रहते हुए आपको इसकी जानकारी तक नहीं मिली।


यूनिवर्सिटी के हित में किए गए कार्यों की भी मांगी जानकारी

जस्टिस गोहिल का कहना है कि परीक्षा शाखा के एक विशेष अधिकारी की नाक के नीचे यह फर्जीवाड़ा कैसे चलता रहा, इसे पता करना सबसे जरूरी है। डाॅ. सिंह से 28 मई तक लिखित में जवाब मांगा है। साथ ही जांच कार्यालय में उपस्थित होकर भी जवाब देना होगा। यदि इस समय तक जवाब नहीं मिलता है तो यह समझा जाएगा कि इनके पास कुछ कहने को नहीं है। इसलिए एक तरफा निर्णय भी लिया जा सकता है। साथ ही यूनिवर्सिटी के हित में किए गए कार्यों की जानकारी भी मांगी है।  पिछले दिनों डॉ. सिंह को फैकल्टी इंचार्ज के पद से हटाकर डॉ. तपन आर मोहंती को यह जिम्मेदारी दी गई है।


फर्जीवाड़ा में कितने लोगों की मिलीभगत, इसके लिए भी एक नोटिस जारी

इस फर्जीवाड़े में कितने लाेगों की मिली भगत है, यह पता करने एक अन्य जनरल नोटिस जारी किया है। इसके चलते  15 दिन के भीतर स्टूडेंट्स, पैरेंट्स, गार्जियन, फैकल्टी मेंबर सहित अन्य स्टॉप के पास इस फर्जीवाड़े दे सकता है। एनएलआईयू स्थित जांच अधिकारी के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से आकर भी जानकारी दे सकते हैं।  

 

एनएलआईयू के पूर्व फैकल्टी इंचार्ज एग्जामिनेशन डॉक्टर यूपी सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी में बहुत सारे लोग लंबे समय से काम कर रहे हैं। यह बात सभी को मालूम है। यह जांच गोपनीय है और मैं कुछ भी कहने के लिए अधिकृत नहीं हूं। इसलिए मैं कुछ नहीं कहूंगा।

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