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नाम बदलकर लॉज में रुका एनआरआई, पुलिस ने किया गिरफ्तार, 6 साल से था फरार

3 वर्ष पहले
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रायपुर। दहेज प्रताड़ना के मामले में छह साल से फरार एनआरआई  (नॉन रेसिडेंट ऑफ इंडिया) विवेक मिश्रा को रायपुर पुलिस ने मंगलवार को कांकेर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है। वहां फिजिक्स में रिसर्च कर रहा है। केस दर्ज होने के बाद से वह भारत नहीं आया था। पुलिस ने उसे वांटेड  घोषित किया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।। वह सप्ताहभर पहले अग्रिम जमानत के लिए रायपुर आया था, लेकिन कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर दी। आरोपी पुलिस से छिपते हुए कांकेर पहुंचा। वहां एक लॉज में नाम बदलकर रह रहा था। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

 

- पुलिस के मुताबिक जगदलपुर की पायल पाणिग्रही का 17 जून 2011 को विवेक मिश्रा से शादी हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद विवेक पायल को लेकर शिकागो चला गया। जहां वह पायल को नौकरानी जैसा ट्रीट करता था। उसके साथ मारपीट करता था। पायल को घर में बंधक बनाकर रखा हुआ था। मायके वालों से भी बातचीत करने नहीं देता था। छह महीने तक पायल प्रताड़ना सहती रही। उसने किसी तरह पड़ोस में रहने वाले एक भारतीय से संपर्क किया। उनसे फाेन लेकर अपने मायके वालों से संपर्क किया और उन्हें घटना बताई। तब जाकर मायके वालों ने उसके लिए टिकट कराया और उसे रायपुर लेकर आए। - रायपुर महिला थाना में आरोपी और उसके परिवार वालों के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोपी विवेक के घर वालों ने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली। पुलिस के मुताबिक विवेक के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर 7 मई को सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। उसने तब हाईकोर्ट में सरेंडर करने के लिए आवेदन लगाया था। कोर्ट ने उसे जून में सरेंडर करने की अनुमति दी थी। उसके बाद वह कांकेर चला गया। वह अपने घर जगदलपुर भी नहीं गया। उसे गिरफ्तार होने का डर था। आरोपी के माता-पिता जगदलपुर में सर्विस में है।


सरेंडर करने के पहले गिरफ्तार हुआ एनआरआई


- पुलिस के अनुसार पायल भाजपा मीडिया सेल प्रभारी हेमंत पाणिग्रही की बहन है। उनके पिता खेल संघ में थे। मां स्कूल में टीचर है। पायल का रिश्तेदार कांकेर के जिस लॉज में ठहरे हुए थे उसी में आरोपी भी नाम बदलकर ठहरा हुआ था। वह पायल के रिश्तेदार को पहचान नहीं पाया। पायल के रिश्तेदार ने रायपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस की टीम वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वह अगले महीने कोर्ट में सरेंडर करने वाला था।

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