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नूंह के बालगृह की जांच को कमेटी गठित, खुफिया एजेंसी भी अलर्ट

3 वर्ष पहले
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पानीपत.  नूंह के सेसौला गांव में बने बालगृह को लेकर बाल संरक्षण अधिकार आयोग की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट पर सरकार जांच कराएगी। इसे लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने महकमे की अतिरिक्त निदेशक डॉ सरिता मलिक की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया है, जो बुधवार को बाल गृह का दौरा करेगी। टीम में कई महकमों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इस बाल गृह का मामला मीडिया में आने के बाद प्रदेश की खुफिया एजेंसी भी अलर्ट हो गई हैं। सीआईडी के आईजी अनिल राव ने इस मामले में आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने सीआईडी कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई। 

बाल संरक्षण अधिकार आयोग की टीम की ओर से पिछले महीने सेसौला के बाल गृह में छापा मारा गया था। वहां काफी अनियमितताएं मिली। इसके अलावा एक ही धर्म विशेष के 38 बच्चे मिले। इस बाल गृह में तहखाना भी मिला था। यहां विदेश से फंडिंग हो रही है। 

 

बाल गृह करे रिकॉर्ड में गड़बड़ी: आयोग चेयरपर्सन बैंदा ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि बाल गृह में रिकॉर्ड सही नहीं है। बच्चों को 6-6 महीने तक अभिभावकों को नहीं मिलने दिया जा रहा है। इसके अलावा वहां चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर आबिद हुसैन और डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर नीरु रानी की कार्यप्रणाली भी सवाल उठाया गया। 

 

जांच के लिए टीम का गठन किया: महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ने रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया है। टीम बाल गृह का दौरा करेगी। बाल गृह की अनियमितता की सूचना पहले भी मिली थी। मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। 

 

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