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डाउनलोड करेंपटना. नगर विकास विभाग जल्द ही निकायों में पदों के पुनर्गठन का संशोधित प्रस्ताव लाएगा। नगर पदाधिकारियों और कर्मचारियों के पदों की कटौती के विरोध के बाद हरकत में आए नगर विकास विभाग ने संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही संशोधित प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
- नगर विकास विभाग ने 25 मई को उच्चस्तरीय बैठक तलब की है, जिसमें विभाग के मंत्री के अलावा, प्रधान सचिव और मेयर और डिप्टी मेयर का प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। सोमवार को नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने स्वीकार किया कि कुछ पदों ऐसे हैं, जिन्हें और बढ़ाने की जरूरत है।
- उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग सेक्शन में कई पद समाप्त किए गए हैं, जिसके कारण विकास योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका है।
आउटसोर्सिंग से निकायों काे बनाया जा रहा पंगु
- वहीं पटना के डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने बताया कि पटना नगर निगम में मात्र एक मुख्य अभियंता का पद सृजित किया गया है, जबकि पटना नगर निगम के 75 वार्डों के लिए छह कार्यपालक अभियंता, 12 सहायक अभियंता और 20 कनीय अभियंता की जरूरत है। सफाई जमादार के मात्र 20 पद और टैक्स कलेक्टर के चार पर सृजित किए गए हैं। जबकि हर वार्ड में तीन से चार सफाई जमादार और कम से कम एक टैक्स कलेक्टर की आवश्यकता है।
- उन्होंने कहा कि सारा काम आउटसोर्स कर नगर निकायों को पंगु बनाया जा रहा है। नगर विकास विभाग ने नगर निकायों और नगरपालिका निदेशालय में पदों का पुनर्गठन किया था। वहीं एक अन्य आदेश में बिहार राज्य जल पर्षद, बिहार शहरी विकास अभिकरण और जिला शहरी विकास अभिकरण का विलय कर बिहार शहरी अभियंत्रण संगठन के गठन प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
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