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ऑड-ईवन: दूसरा चरण कितना अलग होगा?

5 वर्ष पहले
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प्रदीप कुमार

बीबीसी संवाददाता

दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय का ऑड-ईवन फॉर्मूले को फिर से लागू किए जाने के पक्ष में दावा है कि इसे आम जनता का पूरा भरोसा मिला है और बड़ी संख्या में लोग इसे स्थायी रूप से अपनाने के पक्ष में हैं.

बीबीसी से ख़ास बातचीत में उन्होंने बताया, “हमने ईमेल, वेबसाइट, मिस्ड कॉल्स और मोहल्ला सभा के ज़रिए लोगों से फीड बैक लिया. चार लाख से ज़्यादा लोगों ने अपनी राय दर्ज कराई. उनमें 81 फ़ीसदी लोगों ने ऑड-ईवन का समर्थन किया है.”

दिल्ली सरकार ने इसी समर्थन के आधार पर 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑड-ईवन फॉर्मूले का दूसरा चरण लागू करने का फ़ैसला लिया है.

इससे पहले दिल्ली में एक जनवरी से 15 जनवरी के बीच ऑड-ईवन का प्रयोग किया गया था. उस समय इसको लेकर तमाम आशंकाएं जताई गई थीं. स्कूलों में सर्दियों की छुट्टी और नए साल के माहौल पर दिल्ली के लोगों ने इस फार्मूले को अपनाया था.

ऑड-ईवन का दूसरा चरण पिछली बार से कितना अलग होगा. इस बारे में गोपाल राय ने कहा, “पिछली बार जब ऑड-ईवन लागू किया गया था, तब एक से 15 जनवरी के बीच स्कूलों में छुट्टियां थीं. 15 अप्रैल से जब ऑड-ईवन को लागू किया जाएगा, तब स्कूलों में छुट्टियां नहीं रहेंगी. यानी सामान्य दिनचर्या वाली स्थिति में हम दूसरे चरण को लागू कर रहे हैं.”

जाहिर है कि इस बार चुनौती कहीं ज़्यादा होंगी, लिहाजा इसके लिए सरकार भी पूरी तैयारी में जुट गई है.

परिवहन मंत्री ने बताया, “हमने पिछली बार इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिल्ली के तमाम एसडीएम की मदद ली थी. लेकिन तब काम प्रभावित हुआ था. इसलिए इस बार परिवहन विभाग में पांच सौ से ज्यादा पूर्व सैनिकों की भर्ती करने जा रहे हैं. वे इस ऑड-ईवन को लागू कराने में अहम भूमिका निभाएंगे.”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि इस बार भी महिलाओं और दो पहिया वाहनों को छूट मिलेगी. इस बारे में गोपाल राय ने कहा, “ऐसा सुझावों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. अप्रैल में हम अधिसूचना जारी करेंगे, तब पता चलेगा कि अन्य किन किन लोगों को छूट मिलेगी.”

दोपहिया वाहन को छूट दिए जाने के सवाल पर गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता पहले राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने की है. इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा, “इस साल हम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में तीन हज़ार बसों को शामिल करने जा रहे हैं. सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था जब मज़बूत होगी, तो हम दो पहिए वाहन को भी इस दायरे में लाएंगे.”

15 से 30 अप्रैल के बीच चलने वाले दूसरे चरण के बाद दिल्ली सरकार इस योजना को किस तरह से आगे बढ़ाएगी, इस पर भी सरकार ने विचार करना शुरू कर दिया है.

गोपाल राय बताते हैं, “रायशुमारी में शामिल लोगों ने इस कार्यक्रम को स्थायी करने के लिए सबसे ज़्यादा समर्थन दिया है. इसके अलावा दूसरा सुझाव ये भी है कि इसे हर महीने में 15 दिन के लिए लागू किया जाए. इससे महीने में ज़्यादा से ज़्यादा छह दिन ही लोगों को तकलीफ़ होगी.”

दिल्ली सरकार इन दोनों सुझावों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है और दूसरे चरण के अनुभव से मिलने वाले इनपुटों के आधार पर सरकार कोई अंतिम फ़ैसला लेने का मन बना सकती है.

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