ओडिशा विधानसभा में जगन्नाथ मंदिर पर दूसरे दिन भी हंगामा
ओडिशा विधानसभा में जगन्नाथ मंदिर पर दूसरे दिन भी हंगामा
मुद्दे पर विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा हंगामा करने पर सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस ने मंदिर प्रशासन पर मंदिर के देवी-देवताओं के पूजन में अनियमितता का आरोप लगाया है।
सदन की बैठक सुचारु रूप से चला पाने में असमर्थ विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप कुमार अमात ने गतिरोध दूर करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई।
बैठक में कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और कानून मंत्री से सदन में जबाव मांगा।
कांग्रेस नेता तारा प्रसाद बाहिनीपति ने संवाददाताओं को बताया, \"\"भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन लगातार दूसरे दिन भूखे हैं। प्रदेश सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। इसीलिए सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। भगवान को जब तक भोग नहीं दिया जाता तब तक हम सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।\"\"
सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजद) ने जबाव में कहा कि यह मुद्दा ओडिशा के लोगों के विश्वास और मान्यताओं से जुड़ा है और इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।
बीजद के वरिष्ठ नेता दामोदर राउत ने मुद्दे पर चर्चा के लिए धार्मिक कार्यो को देखने वाले पुरी गजपति दिव्यसिंह देव और शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती को बुलाया। उनका मानना है कि मंदिर प्रशासन को इस विवाद में नहीं लाना चाहिए।
राउत ने कहा, \"\"पूजन में अनियमितता की जांच की जा रही है और इसका समाधान जल्द हो जाएगा। आज भगवान को \'भोग\' दिया गया और भक्तों को \'अभद\' दिया गया। भगवान जगन्नाथ के साथ ऐसा होना वास्तव में गलत और निंदनीय है। लेकिन इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।\"\"
खबरों में आया था कि 16 अप्रैल को मंदिर में कुछ अनियमितताओं के चलते भगवान के पूजन में देरी हो गई थी।
--आईएएनएस