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डाउनलोड करेंराजकोट. गुजरात में नर्मदा निगम के एक अधिकारी ने खुद को भगवान विष्णु का दसवां कल्कि अवतार घोषित कर दिया है। रमेशचंद्र एच. फेफर नामक इस इंजीनियर ने दफ्तर से मिले कारण बताओ नोटिस के लिखित जवाब में यह बात कही। फेफर को ऑफिस से लगातार 8 महीने से अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब में फेफर ने कहा, ‘मैं भगवान विष्णु का दसवां कल्कि अवतार ही हूं और फिफ्थ डायमेंशन मतलब तरियातीत अवस्था में रह कर साधना करते हुए वैश्विक चेतना में परिवर्तन का कार्य कर रहा हूं। मैं ये कार्य ऑफिस में बैठ कर नहीं कर सकता। अत: ऑफिस में भौतिक रूप से हाजिर नहीं रहता...।’ ये था पूरा मामला...
फेफर, नर्मदा योजना बांध (पूर्व) सर्कल-1 -वडोदरा में अधीक्षक इंजीनियर हैं। अभी राजकोट में रहते हैं। 13 महीने पहले उनकी पत्नी ने प्रताड़ना की शिकायत की थी, तब भी उन्होंने खुद को विष्णु अवतार बता कर ड्रामा किया था। शुक्रवार को कहा, ‘मैं भगवान विष्णु का 10वां कल्कि अवतार हूं। मोदी दुर्योधन तो आडवाणी अर्जुन का अवतार हैं। अभी भारत में राक्षसों का राज चल रहा है। आगामी महीनों में सुशासन आएगा।'
पुलिस को भी विष्णु का अवतार बता चुके हैं
उसने कहा कि 11 अक्टूबर 1999 को मुझे पहला अनुभव हुआ था। रमेशचंद्र ने अपने पिता को गौतम ऋषि और माता को अहिल्या का अवतार बताया और कहा कि 16 सितंबर 2017 को वह जडेश्वर मंदिर में सतयुग की स्थापना कर चुके हैं। 11 सितंबर 2017 रमेशचंद्र फेफर की पत्नी गीता ने महिला पुलिस में प्रताड़ित करने संबंधी शिकायत दी थी। पुलिस के फोन करने पर कहा था-‘विष्णु भगवान बोल रहा हूं। इस पर पुलिस ने कहा था, ब्रह्माजी बोल रहा हूं, जवाब में रमेशचंद्र ने कहा तब तो तुम्हें ही आना पड़ेगा। ब्रह्माजी पिता होते हैं। 12 सितंबर को पुलिस ने फेफर को गिरफ्तार भी किया था।
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