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पेट्रोल-डीजल में जल्द वायदा कारोबार शुरू होने की उम्मीद: पेट्रोलियम मंत्रालय ने दी हरी झंडी, सेबी की मंजूरी बाकी

आईसीईएक्स ने जताई उम्मीद- वायदा कारोबार से कीमतों में स्थिरता आएगी

Dainik Bhaskar

May 28, 2018, 08:08 PM IST
पेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार शुरू होने के बाद एक्सचेंज पर सौदे कर सकेंगे निवेशक।- सिंबॉलिक पेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार शुरू होने के बाद एक्सचेंज पर सौदे कर सकेंगे निवेशक।- सिंबॉलिक

  • पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर रही है सरकार
  • सेबी से मंजूरी के बाद आईसीईएक्स लॉन्च करेगी पेट्रोल, डीजल के फ्यूचर कॉन्ट्रेक्ट

नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल में वायदा कारोबार को पेट्रोलियम मंत्रालय की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। मार्केट रेग्युलेयर सेबी से भी जल्द हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। कमोडिटी डेरीवेटिव एक्सचेंज आईसीईएक्स के एमडी और सीईओ संजीत प्रसाद ने ये जानकारी दी है। प्रसाद ने बताया कि तेल कंपनियों और दूसरे एक्सपर्ट से चर्चा के बाद मंत्रालय ने ये फैसला लिया है।

वायदा कारोबार के बाद कीमतों में स्थिरता की उम्मीद: आईसीईएक्स
- वायदा कारोबार शुरू होने पर तेल कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को थामने में मदद मिलेगी। इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) ने पेट्रोल और डीजल के फ्यूचर कॉन्ट्रेक्ट लॉन्च करने के लिए सेबी की मंजूरी मांगी थी। इसके बाद सेबी ने पेट्रोलियम मंत्रालय से इस पर राय मांगी । मंत्रालय ने आईसीएक्स से प्रजेंटेशन देने के लिए कहा था। प्रसाद ने कहा कि सेबी की मंजूरी के बाद हम जल्द फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च करेंगे। इसके लिए हमारे पास पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं।

कैसे होगी पेट्रोल-डीजल में ट्रेडिंग ?
- दूसरी कमोडिटीज की तरह पेट्रोल-डीजल में भी वायदा कारोबार के तहत सौदे होंगे। एक्सचेंज पर निवेशक फ्यूचर कॉन्ट्रेक्ट खरीद और बेच सकेंगे। एक्सपायरी से पहले सेटलमेंट करना होगा। सस्ता होने पर पेट्रोल-डीजल खरीदकर निवेशक दाम बढ़ने पर बेच सकते हैं। इसी तरह पहले बेचकर दाम गिरने पर खरीद सकेंगे। कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के लिए एक लॉट साइज तय होता है जिसके मुताबिक कुल रकम का कुछ हिस्सा देकर निवेशक सौदा कर सकते हैं। कमोडिटी बाजार के जोखिम इसमें शामिल होंगे।

आम आदमी को मिलेगा विकल्प: एक्सपर्ट

- केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक वायदा कारोबार शुरू होने से कीमतों में स्थिरता आएगी। छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों के साथ ही आम आदमी को भी फायदा होगा। वायदा कॉन्ट्रेक्ट एक हेजिंग टूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। क्रूड के ट्रेंड और दूसरी बातों को ध्यान में रखकर वह सौदे कर सकेगा।

रिकॉर्ड स्तर पर है पेट्रोल-डीजल
पेट्रोल-डीजल के रेट पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं। 15 दिन में पेट्रोल 3.83 और डीजल 3.47 रुपए तक महंगा हुआ है। सरकार लगातार स्थायी समाधान तलाशने की बात कह रही है। उधर तेल कंपनियां हर दिन दाम बढ़ा रही हैं।

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार: पेट्रोलियम मंत्री
- पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बार फिर दोहराया है कि पेट्रोल डीजल पर लगाम लगाने के लिए स्थायी समाधान के लिए लंबी अवधि की रणनीति बनाई जा रही है। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना भी इन उपायों में शामिल है। एक्साइज ड्यूटी में कटौती के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड के दाम बढ़ने, रुपए में उतार-चढ़ाव और टैक्स की वजह से पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है।

आईसीईएक्स ने पेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार के लिए सेबी से मंजूरी मांगी है।- फाइल आईसीईएक्स ने पेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार के लिए सेबी से मंजूरी मांगी है।- फाइल
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पेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार शुरू होने के बाद एक्सचेंज पर सौदे कर सकेंगे निवेशक।- सिंबॉलिकपेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार शुरू होने के बाद एक्सचेंज पर सौदे कर सकेंगे निवेशक।- सिंबॉलिक
आईसीईएक्स ने पेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार के लिए सेबी से मंजूरी मांगी है।- फाइलआईसीईएक्स ने पेट्रोल, डीजल में वायदा कारोबार के लिए सेबी से मंजूरी मांगी है।- फाइल
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