दूसरे दिन भक्तों ने की मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना

Supaul News - लॉकडॉउन की वजह से पूजा स्थल पर भक्तों की उपस्थिति नगण्य चैत्र नवरात्र के मौके पर गुरुवार को शहर समेत सदर...

Mar 27, 2020, 08:30 AM IST
Supaul News - on the second day the devotees worshiped the mother brahmacharini

लॉकडॉउन की वजह से पूजा स्थल पर भक्तों की उपस्थिति नगण्य

चैत्र नवरात्र के मौके पर गुरुवार को शहर समेत सदर प्रखंड के विभिन्न पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं ने माता के दूसरे स्वरुप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की। शहर के चकली निर्मली स्थित चैती दुर्गा मंदिर पंडित आचार्य नूतन झा ने विधान पूर्वक दुर्गा सप्तशती का पाठ कर पूजा अर्चना की। हालांकि दूसरे दिन भी लॉकडाउन की वजह से पूजा स्थल पर भक्तों की उपस्थिति नगण्य रही।

आचार्य हरिवंश राय बच्चन के ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मां दुर्गा के नवशक्तियों में दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का शाब्दिक अर्थ तपस्या है। इसलिए इसे तप का आचरण करने वाली माना गया है। ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप पूर्ण ज्योतिर्मय एवं अत्यंत भव्य है। कहा जाता है कि पूर्व जन्म में जब देवी ने हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया था, तब उन्होंने नारद के उपदेश से भगवान शंकर जी को प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठिन तपस्या की थी। इसी तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी के नाम से जाना गया। इसलिए नवरात्र के दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की अराधना भक्तों द्वारा की जाती है। मां के इस स्वरूप की साधना से साधक का मन स्वाधिष्ठान चक्र में स्थित होता है। इस चक्र में अवस्थित साधक उनकी कृपा व भक्ति को प्राप्त करता है।

चकला-निर्मली स्थित दुर्गा मंदिर में स्थापित कलश।

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