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डाउनलोड करेंमोहाली. सेक्टर-82 के फाल्कन व्यू में बिजनेसमैन दीपक शर्मा ने जैसे ही शनिवार सुबह अपने ओपो एफ-5 कंपनी के मोबाइल से कॉल की तो चिंगारी निकली और फोन धमाके से फट गया। दीपक शर्मा के हाथ में चोट आई है। धमाके के कारण उनके बेड और वुडन फ्लोरिंग पर आग लग गई। दंपती ने तुरंत पानी से आग बुझाई।
दीपक ने बताया कि उन्होंने करीब 6 महीने पहले ही नया मोबाइल खरीदा था। फोन के साथ मिला चार्जर पहले दिन से ही जल्दी चार्जिंग होती थी। शनिवार सुबह भी जब फोन 100 फीसदी चार्ज हो गया तो उन्होंने चार्जर को बंद कर फोन अलग कर दिया। नंबर डायल कर स्पीकर आॅन कर दिया। फोन हाथ में था और रिंग जा रही थी। तभी एकाएक फोन से एक चिंगारी निकली और ब्लास्ट हो गया। वह तो यह सोच-सोच कर डर रहे हैं कि यदि फोन कान पर लगाया होता तो चेहरा बिगड़ जाता। उन्होंने कहा कि अभी तो मोबाइल वॉरंटी पीरियड में था।
क्यों जल रही हैं सेलफोन की बैटरी?
सेलफोन की बैटरी पावर को बढ़ाने के लिए कंपनियां हाई डेंसिटी जेल का इस्तेमाल कर रही हैं। जेल की डेंसिटी बढ़ने के साथ-साथ उसका पावर बैकअप भी बढ़ाया जाता है। आजकल मोबाइल को जल्द से जल्द चार्ज करने के लिए अल्ट्रा चार्जिंग, एआई टेक्नालॉजी मोबाइल में डाली जा रही है। बैटरी जलने का सबसे बड़ा कारण ओवर चार्जिंग है। नई तकनीक से मोबाइल चार्ज तो जल्दी हो रहा है, लेकिन ज्यादा देर तक मोबाइल को चार्ज करना भी बैटरी के फटने का मुख्य कारण है।
कस्टमर ऐसे बचें
स्मार्टफोन के टेक्नीकल एक्सपर्ट अमित भारद्वाज के मुताबिक, फोन खरीदते समय जितनी कस्टमर को बैटरी की जरूरत है, उतनी एमएएच बैटरी वाला फोन ही खरीदें। पूरी रात फोन को कभी भी चार्जिंग पर न लगाएं। बैटरी को 10 फीसदी बैलेंस रहने पर ही चार्जिंग पर लगाएं। कभी भी स्मार्टफोन को चार्जिंग पर लगे होने के दौरान उसका इस्तेमाल न करें।
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